श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

उसकी! उसने प्रणाम किया हमें और चल दी साथ लेकर उस लड़की को! उस लड़की ने पीछे मुड़के देखा हमें! मैंने जाने का इशारा कर दिया! और अब हुआ उस नेम नाथ से मुख...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

आई हमारे पास! टीका लगाया उस स्त्री ने, मैंने उस लड़की को देखा, नज़रें झुका लीं उसने नीचे! "क्या करने आई है यहां?" पूछा मैंने उस लड़की से, लड़की झें...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

और तब वे चारों गुजरी वहाँ से, और उस आंचल ने, पीछे मुड़के देखा, बलवंत ने देखा उसे, दोनों ही हँसे, अब ऐसा लगा जैसे मैंने बलवंत को ज़बरदस्ती बिठा के रखा ...

2 years ago
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RE: रोजगार में दिक्क़त-परेशानी

एक बार सुबह फिक्स समय ।

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

हाँ! श्रुति में संग ही रही! दो महीने तक, संग ले आया था उसे! आज भी संग ही है मेरे, सशरीर भले ही न हो, लेकिन मेरे मन में! सदा ही रहेगी! मित्रगण! दम्भ खो...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

और पढ़ डाला मंत्ररुरु का! और बता दिया उद्देश्य! रूर, हवा की गति से निकला वहां से! वायु वेग के संग! और जा पहुंचा उधर! वायु ऐसी चली, कि खड़ा होना मुश...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

हा! हा! हा! हा! मैंने अट्टहास किया! और अट्टहास! नव-मातंग समाप्त! निकल गयी ये सिद्धि भी उसके हाथ से! अब क्या बचा? मात्र दम्भ! और शेष कुछ नहीं!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

रोही पड़ा! "मतंगा! मतंगा! रक्षा! रक्षा!" रोते रोते बोला वो! इधर मेरे यहां प्रचंड वायु चलने लगी! सामग्री उड़ने लगी। दीये बुझने लगे। अलख ज़मीन को प्रणाम...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

और तभी मेरे यहां पर, छोटे छोटे सांप रेंगते दिखाई देने लगे! काले काले, छोटे छोटे सांप कोई उधर भाग रहा था, तो कोई उधर! फिर इकठ्ठा होते, फिर बिखर जाते! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

झौंकता जाता था! और मंत्र पढ़े जाता था! "साधिके?" बोला मैं! वो खड़ी हो गयी, "नौदीये और प्रज्ज्वलित करो!" कहा मैंने, उसने नौ दीये लिए, कड़वा तेल डाला उन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

पूजन भी था उनका! फिर उद्देश्य आदि। इसीलिए मैं यहाँ सजग बैठा था! पल पल मैं, वाचाल संकेत दे देता था! मैं गहन आह्वान में डूब चला! भूल गया अपने आपको भी! ब...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

और अब आया मुझे क्रोध! मैं बैठ गया अलख के पास! अलखनाद किया! औघड़नाद किया! और फिर, मुझे अब कोई कुकृत्य न हो जाए कहीं, गुरु से क्षमा भी मांग ली मैंने! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

"क्षमा तू मांग ले! तू!" बोला वो! मैं हंसा! उसकी मूर्खता पर! "तु अब देखना?" बोला वो! मैं हँसता रहा! "अब देखना तू?" बोला वो! और बैठ गया अलख पर! साध्वी क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता के पास के एक घटना

और एक और मंत्र पढ़ा! और फिर, "प्रकट हो!" कहा मैंने! तभी मेरे बदन में ताप बढ़ने लगा! मैंने अपनी साध्वी को वहां से हटने को कहा, वो हट गयी और अलख के ब...

2 years ago
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