अल अ'इन अल रहीम!
पश्चिम-दिशा की ओर मुख करें! झुके, सर पर कपड़ा रखें, घुटनों पर हाथ रखें, साफ़-सफाई वाली जगह हो, अगरबत्ती तैयार रखें, इक्यावन बार पढ़ें और अगरबत्ती जला दें! गुलाब की अगरबत्ती हो, तो बहुत ही उत्तम!
एक गिलास पानी रख लें, इस पर अब ग्यारह बार दम कर दें, कुछ छींटें वहीँ छिड़क दें, और बाकी पानी, पी जाएँ! बद-नज़र आदि का सर्वनाश हो जाएगा!
प्रणाम गुरुजी ऐसा दिन में कितनी बार करना होगा और सुबह या शाम 🙏
Guruji... kitne din???
अल अ'इन अल रहीम!
पश्चिम-दिशा की ओर मुख करें! झुके, सर पर कपड़ा रखें, घुटनों पर हाथ रखें, साफ़-सफाई वाली जगह हो, अगरबत्ती तैयार रखें, इक्यावन बार पढ़ें और अगरबत्ती जला दें! गुलाब की अगरबत्ती हो, तो बहुत ही उत्तम!
एक गिलास पानी रख लें, इस पर अब ग्यारह बार दम कर दें, कुछ छींटें वहीँ छिड़क दें, और बाकी पानी, पी जाएँ! बद-नज़र आदि का सर्वनाश हो जाएगा!
