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तब बाबा ने भभूत उठाके मारी चेले के ऊपर! चेला यथावत खड़ा रहा! अब बाबा को भी भय सताया! “चला जा पुजारी चला जा, क्यों बे-मौत मरना चाहता है तू?” चेला बोला...
निकालते रहे मुंह से! ज़ाहिर था प्रेतात्माएं अब भड़क गयीं थीं! उनमे से एक भाग अपनी जान बचाने के लिए, लेकिन एक वहीँ पड़ा रहा बेहोश! जो भाग कर आया था वो स...
बाबा जी ने भी खूब आशीर्वाद बांटे! क्या छोटे और क्या बड़े! सभी लोग-बाग खुश थे बाबा के आने से, कि चलो अब इस समस्या से तो निजात मिल ही जायेगी अब शीघ्र ही!...
भाई, वो बला बहुत ताक़तवर है, सुकर है हमे जान से नहीं मार उसने” उसने बताया, बला ताक़तवर है, ये सुनके प्रधान की हवा सरकी अब! अब क्या होगा?? इसके बाद उ...
पकड़ ली थी और अपने साथ ले गया था! उस तांत्रिक ने काम कर दिखाया था! इसीलिए अब प्रधान साहब ने अपने दो आदमी लिए और उस गाँव जा पहुंचे! वहाँ के प्रधान से उस...
जाना बंद हो गया वहाँ! लोगों ने दूसरे रास्तों से आना शुरू कर दिया खेतों में! लेकिन एक भय सदा उनके साथ ही रहता! थोडा वक़्त गुजरा! दो तीन महीने गुजरे! त...
वो लड़की थोडा सामने आई और फिर पीछे पलटी, और उसने फिर उस आदमी से कुछ कहा, उस आदमी ने गौर से उन छिपे हुए पाँचों को देखा, दूसरी लड़की ने भी देखा, इधर इन पा...
“इतने में एक और लड़की कुँए से बाहर आई और कुँए के चक्कर लगाने लगी, जैसे कि इन दोनों ने बताया है” मेवा ने कहा, सब चुप थे! “जी उसके बाद वो तीनों एक एक...
“हाँ बोल?” वो बोला, “अब तो बताना ही पड़ेगा किसी को” बलराम ने कहा, “किसको?” सुरेश ने पूछा, “प्रधान को” बलराम ने कहा, “ठीक है, नौ बजे चलेंगे वहाँ...
फाड़ के सामने देखा! वो दोनों आदमी और लड़की एक दूसरे की कमर में हाथ फंसाए बैठे थे! दीन-दुनिया से बेखबर! “ये क्या बला पीछे पड़ गयी हमारे?” सुरेश ने कहा, ...
उन्होंने जो देखा था वो अविश्वसनीय था! किसी को बताएँगे तो भी कौन यकीन करेगा! ये कुआँ तो वो अपने बचपन से देख रहे थे! लेकिन आजतक ऐसा कुछ नहीं देखा था उन्...
“हो सकता है ऐसा भी” बलराम ने बताया, “अभी और देखते हैं” सुरेश ने कहा, “ठीक है” बलराम ने कहा, वो दोनों उसको करीब आधा घंटा देखते रहे और वो आदमी बार...
और उदित को भी, मैंने शर्मा जी और उदित को मिट्टी में अपने तंत्र-त्रिशूल से मंत्र-खचित वृत्त में ही सीमित रहने को कहा, उदित आँखें फाड़ के ये सब-कुछ देख ...
अगले दिन हमारी मुलाकात काकी जोगन से हुई, उससे सामान खरीदा और फिर कलकत्ता के एक गुप्त-स्थान में आ गए, 3 दिनों तक यहीं रहे, तदोपरांत वापसी दिल्ली की राह...
