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फाड़ के सामने देखा! वो दोनों आदमी और लड़की एक दूसरे की कमर में हाथ फंसाए बैठे थे! दीन-दुनिया से बेखबर! “ये क्या बला पीछे पड़ गयी हमारे?” सुरेश ने कहा, ...
उन्होंने जो देखा था वो अविश्वसनीय था! किसी को बताएँगे तो भी कौन यकीन करेगा! ये कुआँ तो वो अपने बचपन से देख रहे थे! लेकिन आजतक ऐसा कुछ नहीं देखा था उन्...
“हो सकता है ऐसा भी” बलराम ने बताया, “अभी और देखते हैं” सुरेश ने कहा, “ठीक है” बलराम ने कहा, वो दोनों उसको करीब आधा घंटा देखते रहे और वो आदमी बार...
और उदित को भी, मैंने शर्मा जी और उदित को मिट्टी में अपने तंत्र-त्रिशूल से मंत्र-खचित वृत्त में ही सीमित रहने को कहा, उदित आँखें फाड़ के ये सब-कुछ देख ...
अगले दिन हमारी मुलाकात काकी जोगन से हुई, उससे सामान खरीदा और फिर कलकत्ता के एक गुप्त-स्थान में आ गए, 3 दिनों तक यहीं रहे, तदोपरांत वापसी दिल्ली की राह...
वार्तालाप करने का, कभी किसी दूसरे रोज़ आके मुझे मिले और हाँ, आने से पहले मुझे इत्तला अवश्य करे, वो वहाँ से चला गया, मैंने महसूस किया की उसको मुझसे ऐसी...
मैंने फिर से अपने एक साथी को बुलाया, "वासुदेव, इधर आ, आसन लगा" वासुदेव आया और आसन लगा लिया, मैंने मंत्र पढ़े, पानी डाला, वासुदेव गिरा, लेटा और फिर आलत...
उसने घर का पता बता दिया, "अभी तुम कहाँ हो?" मैंने पूछा, "झुग्गियों में हूँ, मेरे पास जूतियाँ नहीं हैं, इसीलिए" वो बोला, "किसकी झुग्गियों में हो?...
"अर्थात तुम ये सब सीखने के लिए अपनी ज़िम्मेवारियों से भागना चाहते हो!" मै बोला, "नहीं गुरु जी, मै उनका भी निर्वाह करूंगा!" वो बोला. "कैसे? मैंने प...
मै उसको डराना चाहता था, लेकिन वो डरा नहीं, मुझसे बोला, "मेरे मन में अनेकों प्रश्न हैं, जिनका कोई उत्तर नहीं देता, कृपया मुझे उसके उत्तर दें" ये कह के ...
करीब तीन महीनों के बाद राजेश ने बताया कि उसकी पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक सुधर गए हैं! विभागीय-जांच में वो निर्दोष पाया गया है! मैंने मन ही मन गन्ध...
इसके बाद जैसे नभ में सूर्य को काले बादल ढांप लेते हैं और फिर सूर्य के ऊपर से आवरण सा हटता है ऐसा कह के वो अदृश्य हो गयीं! हम दोनों काफी देर तक उसी श...
चेतना लोप होने लगी! आँखों के समक्ष तमरूपी वातावरण हो गया, शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया, अपने हृदय का द्रुत-स्पंद कर्ण-पटल पर सुनाई देने लगा! ...
