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और फिर से चल पड़ा, उसका हाथ खींचते हुए! वो फिर से रुकी! मैं रुका! “नाम बताऊँ?” उसने पूछा, “बताओ?” मैंने कहा, “बता दूँ?” उनसे पूछा, “हाँ, ...
वो रुकी! मैं रुका! “ये नहीं पूछोगे कि किसने?” उसने पूछा, “किसने?” मैंने पूछा, “किसी ने!” वो हंस के बोली! “कौन किसी ने?” मैंने भी हंस के पूछा...
मैंने प्रणाम किया उन्हें और पाँव छुए, उन्होंने सर पर हाथ रख कर आशीर्वाद दिया! और हम सब चल पड़े! तभी मेरा हाथ किसी ने थामा, मैंने देखा, ये पूजा ...
और फिर धुंधली सी छाया दिखायी देने लगी! ये नाव थी! हमारी तरफ ही बढ़ी आ रही थी! मैं देखता रहा! नदी के सीने पर छमछमाती आती जा रही थी वो नाव! और ...
मछली पकड़ने का जाल रखा था वहाँ, उसको हटाया और सामने देखने लगे! नाव से ही आना था उनको! नाव से थोड़ा ही समय लगता, बनिस्बत इसके कि सवारी से आया जात...
उसने, बात करवा दी मेरी पूजा से, मैंने बता दिया कि मैं आ जाऊँगा! खुश हो गयी वो! तो मित्रगण! दो दिन काटे अब! बारिश ख़तम हो चुकी थी! अब धूप का...
दोपहर में तो सूरज ऐसे चमके कि पूछिए ही मत! मौसम साफ़ था! और अब निकलना था हमको दिल्ली के लिए, मैं खाना खा रहा था उस समय, तभी फ़ोन बजा, ये पूजा ...
खैर जी, खाना खाया तब, और फिर से लेट गया मैं! तभी फ़ोन बजा, मैंने उठाया, नया नंबर था, उठाया तो, ये पूजा थी! पूछ रही थी कि पहुँच गए सही? ...
“हाँ, तीन दिन हो गए बरसते बरसते!” मैंने कहा, सर्दी सी लगने लगी थी अब तो! रोयें खड़े हो गए थे! मैंने तो ली चादर, पाँव सिकोड़े, और चादर तान गुड्...
तो दोनों वहीँ खड़ी थीं! मैंने हाथ हिलाया, उन्होंने भी हिलाया, और हम मुड़ गए, एक छान के नीचे आकर रुके, और फिर वहाँ से सवारी पकड़ कर चल दिए अपने ...
तो वे दोनों लडकियां वहीँ थीं! मुझे देखा, प्रसन्न हुईं! “देख लो! नहीं रुकी बारिश!” मैंने कहा, “हाँ, नहीं रुकी” पूजा बोली, “तो अब हम चले” मैंन...
सुबह हुई, मैं उठा, खिड़की से बाहर झाँका, तो बूंदाबांदी ज़ारी थी! अब तक शर्मा जी भी उठ चुके थे, आँखें मींडते हुए उन्होंने पूछा, “बारिश रुकी?” ...
बाबा मलंग भी बुज़ुर्ग थे! लेकिन पहुंचे हुए थे! मेरे साथ कई साधनाओं में सहयोगी थे! तभी फिर से बादल गरजे! और फिर से प्रकाश कौंधा! फिर कानों पर हा...
“ठीक है” मैंने कहा, “आ जाना!” वो बोली, “और ये शर्मीली मिलेगी वहाँ?” मैंने पूछा, “हाँ, मिलेगी!” वो बोली, काजल हंस पड़ी! “ऐ काजल? मिलोगी?” मैंन...
ये प्रसाद से लबालब एक टुकड़ा था! “तुम खाओ!” मैंने कहा, “आप खाओ!” उसने कहा, “खाओ न?” मैंने कहा, “आप खाओ” वो बोली, “लाओ” मैंने ले लिया, और खा...
