श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

कौशान को आज पहली बार देखने वाला था मैं, इसीलिए आया था यहाँ, देखने और सीखने! बस, यही दो कारण थे! तभी पेड़ खड़का!! जैसे किसी ने हिलाया हो उसे!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और वो पेड़ एकदम सफ़ेद रंग सा चमक रहा था! जैसे हिम जमी हो उसके पत्तों पर, शाखों पर! समय रुक गया था! श्मशान में मौजूद सभी अशरीरी भाग छूटे थे, पनाह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

बाबा झुक गए! हम भी झुक गए! तभी वहाँ, उस पेड़ को, एक सफ़ेद से धुंए ने घेर लिया! जैसे कि घना कोहरा! सबकी साँसें अटकीं अब! ये आमद थी! महा-भ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

छोड़ दिया उसने! तो मैं ले आया उसको भी वहाँ से! और बिठा दिया दोनों को वहाँ! एक मंत्र पढ़ा और छुआ दिया अंगूठा अपना, एक एक करके, दोनों ही संयत हो...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

औघड़ मस्त हो चुके थे अब! बस, अब कुछ पल की ही देर थी! मैंने झट से, एक मदिरा का गिलास बनाया, और गटक गया! और नज़रें गड़ गयीं वृक्ष पर! सभी वहा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

उसने केश पकड़ लिए मेरे, और फिर से गिर पड़ी मेरे ऊपर, मैंने फिर से नीचे सरका दिया! वहाँ मंत्र चल ही रहे थे! तभी बाबा खड़े हुए! और हम सभी भी! व...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

वो खड़ी हुई और फिर से नृत्य करने लगी! सभी औघड़ों के पास जाती! और आती, फिर जाती, और फिर आती! मेरे पास भी आयी, लेकिन चेहरा नहीं देखा मैंने उसक...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

अब नहीं था उनके बसकी खड़ा होना, काम ख़तम हो ही चुका था उनका, अब आराम ही करें तो बढ़िया था! बाबा फिर से आ बैठे! अलख में भोग दिया! अलख नाची! जी...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

मसान-भोग हुआ! श्मशानी-भोग हुआ! और बाबा खड़े हुए! उस पेड़ की परिक्रमा की! और कुछ चिन्ह लगाए! कुछ मंत्र पढ़े! यहीं प्रकट होना था वो वेताल! बस...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

और अब बाबा ने मंत्रोच्चार आरम्भ किये! बारह थाल थे वाहन, बत्तीस बड़े बड़े दिए, थालों में साही का मांस था! वेताल का प्रिय भोजन! अन्य मांस भी थे!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

पूर्णतया नग्न थीं, एक बात कहूं? मुझे उस दिन बहुत शर्म आयी उनको ऐसा देखकर! पता नहीं क्यों? पता नहीं! मैंने बहुत साध्वियां देखी हैं ऐसी, बहु...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

बस एक डेढ़ घंटे के बाद, दुबारा मिलना था अब! क्रिया-स्थल में! कोई बीता एक घंटा! और एक सहायक आया मेरे पास! और ले गया मुझे बुलाकर! मैं जान...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

इसीलिए कहते हैं औघड़! दूर रहा कर! अब फंस! भुगत! लपेट गले में सांप! और रख हमेशा साथ! “ऐसा नहीं है! तुम अच्छी लड़की हो, मुझे पसंद हो, तुम्हारे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

वाह! “क्या हुआ?” मैंने पूछा, वो भागे जा रही थी! गुस्से में! मैंने उसको अब उसके कंधे से पकड़ा! रोका! और फिर अपनी तरफ किया, उसका चेहरा उठाय...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

“मैं जानती हूँ!” वो बोली, “क्या जानती हो?” मैंने पूछा, “कि क्या सोचा आपने!” वो बोली, शर्माते हुए! “क्या सोचा?” मैंने पूछा, “कि कोई होगा प्रे...

2 years ago
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