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दोपहर में तो सूरज ऐसे चमके कि पूछिए ही मत! मौसम साफ़ था! और अब निकलना था हमको दिल्ली के लिए, मैं खाना खा रहा था उस समय, तभी फ़ोन बजा, ये पूजा ...
खैर जी, खाना खाया तब, और फिर से लेट गया मैं! तभी फ़ोन बजा, मैंने उठाया, नया नंबर था, उठाया तो, ये पूजा थी! पूछ रही थी कि पहुँच गए सही? ...
“हाँ, तीन दिन हो गए बरसते बरसते!” मैंने कहा, सर्दी सी लगने लगी थी अब तो! रोयें खड़े हो गए थे! मैंने तो ली चादर, पाँव सिकोड़े, और चादर तान गुड्...
तो दोनों वहीँ खड़ी थीं! मैंने हाथ हिलाया, उन्होंने भी हिलाया, और हम मुड़ गए, एक छान के नीचे आकर रुके, और फिर वहाँ से सवारी पकड़ कर चल दिए अपने ...
तो वे दोनों लडकियां वहीँ थीं! मुझे देखा, प्रसन्न हुईं! “देख लो! नहीं रुकी बारिश!” मैंने कहा, “हाँ, नहीं रुकी” पूजा बोली, “तो अब हम चले” मैंन...
सुबह हुई, मैं उठा, खिड़की से बाहर झाँका, तो बूंदाबांदी ज़ारी थी! अब तक शर्मा जी भी उठ चुके थे, आँखें मींडते हुए उन्होंने पूछा, “बारिश रुकी?” ...
बाबा मलंग भी बुज़ुर्ग थे! लेकिन पहुंचे हुए थे! मेरे साथ कई साधनाओं में सहयोगी थे! तभी फिर से बादल गरजे! और फिर से प्रकाश कौंधा! फिर कानों पर हा...
“ठीक है” मैंने कहा, “आ जाना!” वो बोली, “और ये शर्मीली मिलेगी वहाँ?” मैंने पूछा, “हाँ, मिलेगी!” वो बोली, काजल हंस पड़ी! “ऐ काजल? मिलोगी?” मैंन...
ये प्रसाद से लबालब एक टुकड़ा था! “तुम खाओ!” मैंने कहा, “आप खाओ!” उसने कहा, “खाओ न?” मैंने कहा, “आप खाओ” वो बोली, “लाओ” मैंने ले लिया, और खा...
मैं हंस पड़ा! उसको देखा! गम्भीर हो गयी थी! “ऐ? क्या हुआ?” मैंने पूछा, “कुछ नहीं!” वो बोली, “अरे? बताओ तो?” मैंने कहा, “कुछ नहीं” वो बोली, ...
या फिर अभी शुरुआत थी! चलो जी फिर, कर दिया उपकार दारु पर! जीवन सफल हो गया उसका! अब उठाये हमने टुकड़े प्रसाद के, और चबाने लगे! बढ़िया, कुरकुरा...
और हम सब बैठ गए! जैसे रेगिस्तान में खानाबदोश रात्रि समय, अपना डेरा जमा लेते हैं, मानो वैसे ही हम बैठ गए! “बनाओ शर्मा जी” मैंने कहा, उन्होंने...
सूरज अस्त और औघड़ मस्त! मैं और शर्मा जी, आये कमरे से बाहर! बाहर, पानी में कोई बूंदाबांदी नहीं थी! रहम किया था वर्षा ने हम पर! और तभी, गलियारे...
बहुत धन्यवाद! और फिर हमने भोजन कर लिया! बरतन ले गयी वो! और फिर शाम को आने को कहा गयी! “कहाँ बढ़िया था!” शर्मा जी बोले, “हाँ, सच में!” मैंने क...
और फिर आ गईं दोनों! भोजन लायी थीं! रखा उन्होंने भोजन! आलू गोभी की सब्जी! भाई वाह! साथ में अचार! लाजवाब! और रोटियां! भोजन लगा दिया गया!...
