श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

रात से पहले का ही वक़्त रहा होगा, माँ ने कुछ सामान लिया, राधा को संग ले, निकल पड़ी मंदिर जाने के लिए, इस वक़्त तक तो सभी घरों में दुबक ही जाया करते हैं, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

तो पलकें मूंद लीं, कुछ और हो तो किया भी जाए! आखिर किसी तरह खुद से ही लड़ लड़ कर नींद में जा ही डूबी! देर से सोई तो देर से जागी वो, पिता जी और वासु जा चु...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

उसने एक बार नहीं, कई बार ऐसा करके देखा, लेकिन वो सुगंध बस उसके सीधे हाथ से ही आये! वो उठी और जा कर, खूब अच्छे से हाथ धोये, एड़ी धोयी, और पोंछ, वापिस कम...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

कोई जवाब नहीं दिया, मुंह फेर लिया राधा न, अनजान लोगों से इस तरह, मेले में बातें नहीं करनी चाहियें, ऐसा माँ ने चलने से पहले भी समझाया था, इसीलिए, बात न...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"मान जा लड़की!" बोला बाबा,उसकी सहेलियां धीरे से आगे बढ़ीं, उसने बढ़ना चाहा, वो वृद्ध था, उसने जीवन के एक एक मनके को छुआ था, माला भी अब पूर्ण ही हो जाए कु...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

अगला दिन व्यस्तता में बीता! आज खेती के लिए पूरा समय नहीं था, अतः कोई नहीं गया था! गांव के पुरुषों ने, भट्टी, ईंधन के लिए लकड़ी, उबले और फूस सबका प्रबंध...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

वासु आ कर बैठ गया था, उसने भी चौकड़ी मार ली, माँ ने थाली तैयार कर रखी थी, सो ही परोस दी उसके आगे! वासु ने एक छोटा सा टुकड़ा रोटी से तोड़ा और उसे सब्जी से...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल की एक घटना! हंदल-अर्धांगिनी! एक रहस्य!

उस सुबह, मौसम साफ़ था! सूरज यौवन में थे और धूप में चंचलता थी, हालांकि, दिन की अभी शुरुआत ही हुई थी! नदी में, चमकती धूप कहीं लाल, कहीं पीली और कहीं कहीं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल की एक घटना! हंदल-अर्धांगिनी! एक रहस्य!

प्रातःकाल का समय और प्रातः के पक्षी! उनका कलरव! जैसे स्वर्ग यहां उतर आया हो भूमि पर! कैसी उमंग सी भरी होती है प्रत्येक वनस्पति में! क्या वृक्ष और क्या...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल की एक घटना! हंदल-अर्धांगिनी! एक रहस्य!

"यस्था की इच्छा?" कहा मैंने, मैं, बड़ा ही विस्मय में था!"हां!" कहा उन्होंने,मैंने एक बात पर गौर किया, अम्मा ने जब ये बोला था, तब वो शांत से भाव में थीं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल की एक घटना! हंदल-अर्धांगिनी! एक रहस्य!

"कलश?" बोले वो, ज़रा हैरानी से,"हां! कलश!" कहा मैंने,"कलश और उन साधूओं में कोई जोड़?" बोले वो,''सम्भव भी हे और नहीं भी!" कहा मैंने,"यदि सम्भव हो?" बोले ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल की एक घटना! हंदल-अर्धांगिनी! एक रहस्य!

"तो कैसे परिभषित करें इसे?" बोले वो,"वैचारिक-अतिक्रमण!" कहा मैंने,"सटीक!" बोले वो,"जब, हल एवं कारण, दोनों हो अंध-मुद्रा को प्राप्त हो जाएं तब ऐसा होता...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल की एक घटना! हंदल-अर्धांगिनी! एक रहस्य!

दवा दे दी मां ने उसे! और लिटा भी दिया! अब मां के हाथों में वो कला दी है रचनाकार ने, कैसी भी बेचैनी हो, अलक़त हो, परेशानी हो, मां के आंचल में सुकून मिलत...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ पूर्वांचल की एक घटना! हंदल-अर्धांगिनी! एक रहस्य!

"यस्था! पुत्री!" बोले चंद्रदेव!"जी देव?" बोली वो भी, उत्तर दिया!"जब मन में उथल-पुथल मची हो, तब कोई निर्णय नहीं लिया जाता!" बोले वो,"उथल-पुथल?" बोली वो...

2 years ago
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