श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"पहचान गया!" बोला वो,"सधुआ को बोलना, आ सके तो आना!" बोला वो,"हां, आज ही बुलावा भेज देता हूं!" बोला वो,"ठीक है!" बोला वो,और वे दोनों ही सपेरे, लौट लिए!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

प्रसन्न सा हो, बाबा खंडा भी ठहाके लगाने लगा! सामने से, वो कन्या, वो कारुणि भी चली गयी थी! भोर होने को थी, आकाश पर लालिमा, पूर्वी क्षितिज पर नज़र आने लग...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"खंडा?" बोली वो,खंडा चुप्प!"अग्नि से उसका गुणधर्म छीना जा सकता है?" पूछा उसने,खंडा पर कोई उत्तर नहीं!"उसका शमन ही हो सकता है, उसका मूलभूत गुण कदापि नह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"उत्तम भी यही है तेरे लिए!" बोला वो,"ओ हिमायतन!" बोला वो,वो कन्या ज़रा आगे आयी अब!"इस खंडा को शक्तियां दान में नहीं मिलीं! ये शक्तियां पैदा होते ही नही...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"कौन वो?" पूछा बाबा ने,"वो, वो ही" बोली फिर से,"कौन वो? बता?'' बोला गरज कर!"व्यापारी" बोली बेचारी सहम कर!"व्यापारी?" बोला वो,"हूं" बोली सर हिलाते हुए!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"जानता हूं!" बोला वो,"तब भी चेता नहीं?" बोला वो,"चेता?" बोला दहाड़ते हुए!"हां! चेत जाता तो ये यहां नहीं होती!" बोला वो,"तू तो ऐसे बोल रहा है कि जैसे ते...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

तो बाबा ने हट्ल अपने पास रख दिया, ठीक सामने ही एक छोटा सा घड़ा रखा, घड़ा रखने से पहले कुछ आग ली थी, एक उपले का टुकड़ा, मंत्र पढ़ा और उस टुकड़े के ऊपर वो छो...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

बाबा ने कक्ष में आते ही अपने चेलों को वहां से जाने को कह दिया, कहर ढाना था उसने आज यहां नागों पर अपने विद्या-प्रहार से, अतः तैयारी परम आवश्यक थी! वो अ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"हां! कोई नहीं रोक सकता!" बोला दूसरा चेला,"जय हो!" बोला पहला चेला,और छिली हुई मक्का के बीज चबाने लगा!"बाबा?" बोली जोगन,"बोल?'' बोला वो,"मैंने हाल देखा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"यहां तो रास्ते हैं!" बोला वो,"रास्ते?" बोला चेला,"हां!" कहा बाबा ने,"कैसे रास्ते बाबा?" बोला चेला,"बस समझ ले सही जगह आ गए!" बोला वो,"जय हो! जय हो!" ब...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"लोखन?" बोला अन्धा पीर, इस जोगन में से,"कौन है तू?" बोला बाबा,"लोखन? तुझे तीन बातें बताता हूं! फिर जो तुझे जो अच्छा लगे, तू करना!" बोला अन्धा पीर!"बोल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

तो जी, उन प्रपंचियों ने लड़ा दिया अपना प्रपंच! अंततः धन की चमक और खनक ने, उनके विवेक के ऊपर पर्दा डाल ही दिया! बाबा को बड़ा अभिमान था अपनी विद्या पर, अप...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"सो तो आ ही लेगी!" बोले पंडत जी,"तो बुला?" बोला वो,"कब?" पूछा उस से,"आज ही रात!" बोला वो,"कोशिश करता हूं!" बोले वो,"कोशिश नहीं, पक्का?" बोला वो,"अवश्य...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

"हां! वो ही राधा!" बोला वो,"लेकिन? वो किसलिए?'' पूछा पंडत जी ने,"ये सच है कि उसका कुछ लेना-देना तो है इस सब से!" बोला वो,"क्या हो सकता है?" बोले वो,"ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५ एक गांव की घटना, कारुणि की पिपासा!

अब जब मिट्टी हटी, तो एक घड़ा साफ़ दिखाई दिया! घड़ा काफी बड़ा था, ज़मीन के अंदर था और करवट से लेटा था! पका हुआ था, सीलन से चिकना हो गया था, घड़े का आकार कुछ ...

2 years ago
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