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"हां!" बोला वो,"हां कारुणि!" बोला वो,"हां! दुल्हन!" बोला वो,"हम मनुष्य, दुल्हन कहते हैं!" बोला वो,"तुम तुम्हारी जानो!" बोला वो,"ये! ये लड़की!" बोला वो,...
"लाज तब नहीं आयी थी?" बोला वो,"तब कहां गयी थी तेरी ये खोखली लाज?" बोला वो,''जब हठेश्वर हाथ नहीं आया कार्य-सिद्धि में तब क्या किया था?" बोला वो,"है याद...
"डांची!" बोला बाबा!और दूसरी बोतल खोल ली उसने!"डांची! बड़ा पुराना बैर है ये!" बोला वो,"बड़ा ही पुराना!" बोला वो,और जम कर एक बड़ा सा घूंट खींचा! मुंह से फव...
"तेरी पिपासा ने इस बेचारी राधा का जीवन नष्ट कर दिया!" बोला वो,"लेकिन कारुणि?" बोला वो,''अब नहीं होगा!" बोला वो,"अब तेरा बिछाया खेल ही ख़तम!" बोला वो,"क...
"याद आया कारुणि?" बोला वो, उपहास सा उड़ाते हुए!"बोल?" बोला वो,"याद है न? तेरा पूरा का पूरा गांव?" बोला वो,"हठेश्वर!" बोला वो,"हां! गुरु श्री हठेश्वर!" ...
"लेकिन तू! तू क्यों आएगा! मारी तो ये जायेगी! हरण तो इसका होगा! अरे! अरे! मेरा इस से भला क्या बैर? कोई बैर नहीं! कोई बैर नहीं!" बोला वो,और जम कर दो घूं...
तो आज बाबा ने सोची क्या थी? सोची थी कि आज का दिन आखिरी होगा, या तो बाबा खंडा के लिए या फिर सारे इस प्रकरण के लिए! या तो आज वो हांसिल कर लेगा जिसके लिय...
"वाह रे ढापले! कमा की बात पर रुक गया!" बोला!"तू तू सब जाने है!" बोला कोई उस खोपड़ी के पास से,"तू बता?" बोला वो,"क्या?" बोला वो,"यही कि किसको?'' बोला वो...
तो मित्रगण! उसने जो चाहा, वो पूरा कर लिया था! बाबा पीछे हटने वाला नहीं था! न ही हटा! अंजाम भले ही कुछ भी हो, उसने कोई कसर न छोड़ी थी! अपनी तरफ से, अपनी...
"हां?" बोला वो,"मिल गया!" बोला वो,"कैसा है?" बोला वो,"ताज़ा!" बोला वो,"क़दम?" पूछा उसने,"छोटे!" बताया उसने,"ले आ!" बोला बाबा,"ला?'' बोला अपने साथी से हर...
"हर्रू?" बोला वो,"हां बाबा?" कहा उसने,"चल. सिवाने चल?" बोला वो,"अभी?" बोला वो,"वक़्त नहीं है अब!" बोला वो,"चलो बाबा!" बोला वो,और वे सब, वहां से चल पे स...
वो ग्रामीण महिला मंद मंद मुस्कुराने लगी थी! और राधा वहां से नदारद हो चली थी! बाबा और उस महिला के बीच नज़रों का कड़वा, तोल-ताल चल रहा था, बाबा कम नहीं था...
छोड़ना पड़ा हाथ उसे उसका! तब तक राधा भाग कर आगे जा चुकी थी! भीड़ थोड़ा छिटकी तो वो फिर से भागा उसके पीछे! राधा उसे देखा, दौड़े जा रही थी! एक जगह आ कर, रुक ...
"हर्रू? ओ हर्रू?" बोला वो चीख कर!"आया बाबा!" बोला दूर खड़ा हर्रू हाथ हिलाते हुए!"तो लाख जतन कर ले!" बोला वो,"हां बाबा?" बोला हर्रू, चला आया था!"ये देख!...
खंडा ने नज़र उठा के देखा सामने! ये क्या? वहां एक नहीं, सैंकड़ों वृक्ष थे! और वे भी सभी एक ही जैसे? और राधा? वहां तो राधा भी असंख्य दीख रही थीं! ये कैसा ...
