Last seen: May 12, 2026
''वो गाड़ी में बाबू जी बैठे हैं!" बोला वो,"अरे! तो बुला लो उन्हें भी, लो! कुर्सी देता हूं!" बोला वो,और अंदर से ही, एक कुर्सी पकड़ा दी, कुर्सी बिछा दी मु...
तभी एक जगह से गाजे-बाजे से सुनाई दिए! दोनों के सर घूमे और देखने लगे उधर ही! न जाने क्या था!"तूने सुनी?" बोले वो,"हां!" बोला वो,"क्या?" पूछा,"गाजे-बाजे...
तो अब गाड़ी भाग ली गांव गौना की तरफ! रास्ता ठीक-ठाक ही था, अंधियारी बनी तो हुई थी लेकिन अभी बारिश तेज न थी, हल्की सी कभी-कभार ही पड़ती थी! इस बारिश से क...
"क्या देखा?" बोला वो,"एक मिनट?" बोले वो,"मोडूं?" पूछा उसने,"हां, चल ज़रा?" बोले वो,अब मुकेश ने गाड़ी मोड़ ली और धीरे धीरे चलने लगा! वो भी लगातार वहीँ देख...
"अरे हां?" बोले रामपाल,"क्या?" बोला वो,"उसने कहा था खिवैय्ये लौट आये?" बोले वो,"हां, लेकिन ये होता क्या है?" बोला वो,"तू नहीं जानता?" बोले वो,"न?" बोल...
"चाचा?" बोला मुकेश,"बोल?" बोले वो,"मंदिर आ लिया!" बोला वो,"आ फिर!" बोले वो,"वो कह रहा था कि दुल्हन है कोई साथ?" बोला वो,"हां, और उसकी कोई सहेली भी!" ब...
गाड़ी फिर से आगे बढ़ी! रास्ता ठीक था नहीं, पिछले दिनों ही बरसात ने और उसकी दुखती रग पर हाथ रख दिया था, बेचारे रास्ते पर जगह जगह सूजन चढ़ गयी थी! कहीं गड्...
"और अभी मुझे है काम बहुत!" बोला वो,"काम?" पूछा मुकेश ने,"हां, बेटे!" बोला वो,"कैसा काम?" पूछा रामपाल ने,"एक तो दुल्हन अपने घर चली जाए!" बोला वो,"अच्छा...
"हां!" बोला मुकेश भी,"सुनो!" बोला वो,"हां?" बोले वो,"ज़रा आगे आओ?" बोला वो,"हां?" आगे आते हुए बोले वो,"यहां से आगे जो चौकी है न?" बोला वो,"चौकी?" बोले ...
थैली खोलने के लिए, उसने एक डोरी खींची! और जब खोल ली तो कुछ निकाल आकर अपनी हथेली पर रखा, थैली की डोरी को, मुंह से खींच कर बंद किया, और फिर से वापिस अपन...
"आओ, खुद ही देख लो, झूठ तो बोलता नहीं मैं!" बोला वो आदमी,अब रात का वक़्त, खुला आसमान, बीहड़ सा रास्ता और जगह, अचानक से एक लठैत का सड़क के बीचोंबीच खड़े हो...
"खाना तो खाया नहीं होगा?" पूछा मुकेश ने,"अरे कहां!" बोले वो,"तैय्यार है!" बोला वो,"अच्छा!" बोले वो,"और बिंदु सही है?'' बोला मुकेश,"हां, सही है, पढ़ाई भ...
अचानक ही, मरघट का सा भयावह सा सन्नाटा पसर गया! एक आवाज़ निरंतर आ रही थी, ये कहां से आ रही थी ये नहीं पता चल पा रहा था! न ज़मीन से ही, न दिशाओं से ही, न ...
"नहीं खंडा नहीं!" बोली वो,खंडा बाबा ने एक कड़वी नज़र से देखा उसे!"नहीं खंडा!" बोली वो,"नहीं!" बोली वो,"नहीं!" बोला वो,"नहीं?" बोला फिर ज़ोर से!"नहीं?" इस...
