श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

"रुको?" बोला वो,"जी?" कहा मैंने,"किसी ने भेजा तो नहीं?" बोला वो,"नहीं जी!" कहा मैंने,"तुम पर विश्वास कर सकता हूं?'' बोला वो,"क्यों नहीं!" कहा मैंने,"व...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

"रुको?" बोला वो,"जी?" कहा मैंने,"किसी ने भेजा तो नहीं?" बोला वो,"नहीं जी!" कहा मैंने,"तुम पर विश्वास कर सकता हूं?'' बोला वो,"क्यों नहीं!" कहा मैंने,"व...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

मैंने आती हुई जीप को रुकवा दिया और अपनी गाड़ी को भी, मैं उतरा नीचे, शहरयार भी गाड़ी बंद कर नीचे उतर आये, और हम दोनों तब जीप की तरफ चल दिए! वे भी उतर ही ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

उसने कढ़ी, कटोरियों में डाल क़र दे दी, पकौड़ियां पड़ी हुई थीं, अब चूल्हे की कढ़ी हो तो उसका स्वाद? क्या कहने साहब! जिसने खायी हो, वो ही जाने! पहली चम्मच मे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

अब जी, मैं भी झूठ क्यों बोलूं! घुटने, कोहनी तो मेरी भी बोलने लगे थे! खुलने को तैय्यार! तो बेहतर यही था कि कुछ देर छू ही, दुमई सांप की तरफ से मुंह छिपा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

फिर हम उनके गांव पहुंचे, सीधे घर ही, गांव बड़ा ही खुला खुला सा है उनका! हम एक बड़े से घेर में चले आये और गाड़ी रोक दी वहां! अब चूंकि शाम हो ही चली थी, तो...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

हॉर्न बजा, पीछे देखा, एक सरकारी गाड़ी थी, उसको जगह दी, वो निकली, और हम फिर से गाड़ी में ही बैठे रहे! आसपास लोगबाग, अपने कामकाज निबटा क़र, अब घरों की तरफ ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

"कुछ बताया कि वो मंदिर, कितनी दूर है उनके घर से?" बोले वो,"नहीं बताया!" बोला मैं,"आसपास सब खाली है?" बोले वो,"हां!" कहा मैंने,"बीहड़ मतलब!" बोले वो,"हा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

"हां, ईमानदार आदमी हैं!" कहा मैंने,''जी! अब बात उन बाणा और उसके छोटे भाई काणा की!" बोले वो,"हां?" कहा मैंने,"ये डाकू थे, ये ही बताया था न?" बोले वो,"ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

उसी शाम हमने सामान ले लिया था, ये आवश्यक पड़ता है, समय पर कोई सामना नहीं मिले तो दिक्कत हो पड़ती है, विकल्प का कोई स्थान नहीं इस विद्या के संचारण में! स...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

मैंने जो कुछ सुना था उनके मुंह से, वो पर्याप्त नहीं था, कई नाम थे, कई किरदार, किया क्या किरदार था, ये भी अच्छे से पता नहीं था, एक बात तो समझ आती थी, क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

गाड़ी चल पड़ी थी, एक शहर से दूसरे शहर और दूसरे से तीसरे, लेकिन जो विचार होते हैं, उनमे पड़ाव नहीं होते! वो एक ही धागे में बांध निरंतर, गोल-गोल से घूमते च...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

उसने जैसे ही गिरेबान पकड़ा कि उस आदमी ने एक हाथ से उसका टेंटुआ पकड़, उठा लिया हवा में! तमंचे से गोली निकली और बेकार! पहलवान का ये हाल देख, दूसरा भी आया ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

तो वे दोनों जा पहुंचे घर! लेकिन रामपाल का जी न लगे! अब तक जो हुआ था, वो सब अजीब ही था, कोई यक़ीन ही नहीं करता उनकी बातों का तो ज़्यादा तूल ही नहीं दिया ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ बागपत जिला, तहसील खेकड़ा की दुल्हन!

"राजस्थानी?" पूछा हैरत से उन्होंने,"हां! राजस्थानी!" बोले बाबा,"क्या नाम था? याद है?" पूछा उन्होंने,"अस्सी साल हो गए!" बोले बाबा,"जानता हूं बाबा!" बोल...

2 years ago
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