Last seen: May 11, 2026
"एक मिनट!" बोला मैं,"जी!" बोले मुकेश जी, बीड़ी निकालते हुए!"बाबा की सुर्त में, यहां तालाब था!" कहा मैंने,"हाँ जी!" बोले वो,"वहां बाबा रहते थे एक, कुटिय...
मैं चला उस जगह! और खड़ा हो गया! आसपास रौशनी डाली, उस जगह पर, उस मिट्टी और उधर आसपास, जैसे ही मेरी रौशनी एक जगह पड़ी, मैं रुक गया! ये क्या है? ये क्या दे...
"आप यहीं रहना, आगे नहीं आना!" कहा मैंने,"ठीक!" बोले वो,"मैं जब तक न बुलाऊँ आप नहीं जाना यहां से!" कहा मैंने,"ठीक!" बोले वो,"चलता हूँ!" कहा मैंने,और मै...
तभी एक ताप सा गुज़रा! ये ताप, कुछ अलग ही था, आग जैसा तो नहीं, ऐसा कुछ की जैसे किसी जगह धूप में तपती हुई दीवार से बदन छू जाए! मैं भाप तो गया था, लेकिन ...
"जी?" बोले वो,"ये टोर्च बंद कर दो!" कहा मैंने,"जी!" बोले वो,और टोर्च बंद कर दी उन्होंने! अब अँधेरा छा गया उधर! घुप्प तो नहीं था लेकिन इतना अन्धकार तो ...
"हाँ, धन्यवाद!" कहा मैंने,"अजी कहाँ का धन्यवाद!" बोले वो,"कहना तो बनता है!" कहा मैंने,"आपके सहारे हमारा भी मुंह कड़वा हो गया!" बोले वो, हँसते हुए!"हाँ ...
पुल पार किया तो बीच नहर पर नज़र पड़ी! पानी ऐसे बह रहा था कि जैसे नदी से मिलने की जल्दी हो उसे! झर-झर की आवाज़ और उसमे से उठते हुए झाग! पानी की गहराई मालू...
"ये काला-प्रेत अंजान लोगों को मारता है, कई गाँव वाले भी मारे गए हैं! और सभी के सभी उसी जगह पर! इसका क्या मतलब हुआ?" पूछा मैंने,"यही कि उस जगह वास है उ...
"ज़रा बैठो मुकेश जी?" कहा मैंने,"हाँ जी!" बोले वो, और बैठ गए!"वो है न वो जगह?" पूछा मैंने,"हाँ जी, वही!" बोले वो,"एक बात बताइए, वो जो माँ चामड़ की पिंडी...
और हमने अपने अपने गिलास उठा कर हाथों में पकड़ लिए, इधर सलाद आई और झट से मैंने टमाटर का एक नमक लगा टुकड़ा उठाया, आधा खाया और सटाक से गिलास खाली कर दिया! ...
और फिर वे लाये एक आदमी को! ये ज़रा गम्भीर सा लगता था, शहर से संबंध रखा तो, ऐसा लगता था, छोटे चेक की हरी-पीली कमीज़ पहनी थी, और नीचे जीन्स, और पांवों में...
हम तो चौंक ही पड़े! आँखें ही कुली रह गईं! चलो! कोई तो मिला जिसने देखा इस काले-प्रेत को!"तुमने देखा उस काले-प्रेत को?" पूछा मैंने,"नहीं जी!" बोला वो!ओहो...
"तो उस रास्ते का कोई नामोनिशान ही नहीं अब तो!" बोला मैं,"हाँ जी, सब बदल गया!" बोले मुकेश जी!मैंने फिर से पेड़ को देखा, पेड़ बड़ा ही विशाल था! कम से कम ढा...
"हाँ, चलो!" बोले हम दोनों,और हम तीनों ही, निकल पड़े वहां से, तभी कुछ आया मेरे दिमाग में!"मुकेश जी?" मैं रुका और पूछा उन्होंने,"जी?" बोले वो,"मुझे ज़रा उ...
