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"हाँ, चलो!" बोले हम दोनों,और हम तीनों ही, निकल पड़े वहां से, तभी कुछ आया मेरे दिमाग में!"मुकेश जी?" मैं रुका और पूछा उन्होंने,"जी?" बोले वो,"मुझे ज़रा उ...
हम चल पड़े वापिस, ये ज़मीन जो हमने देखी थी, सामान्य ही थी, कुछ अजीब सा या कुछ अलग सा, नहीं दिखा था हमें तो, सूखी और उजाड़ सी ही थी, हाँ, शहरयार जी को कु...
हम भी पहुंचे धीरे धीरे उधर! मैंने अपनी नज़र सिर्फ स्नेहा पर ही रखी! वो तो टूट ही गयी थी, इस बार उसके बदन के साथ साथ, उसकी आंखों, हाव-भाव, पत्थर सी बन, ...
"स्नेहा?" कहा मैंने,वो कुछ न बोली, मैंने पीछे नज़र घुमाई अपनी, सर नीचे किये बैठी थी, मन में न जाने क्या क्या उमड़-घुमड़ रहा था उसके, और उमड़ता भी क्यों न,...
"कोई भी आदमी, सड़क से यहां तक तो आएगा नहीं? अपने आप क्यों आएगा?" कहा मैंने,"हाँ, सोचने की बात है!" बोले वो,"कहीं कुछ न कुछ लालच तो दिया जाता होगा?'' क...
तो ले चले हम वो फूट अपने साथ ही, उन्होंने बताया था कि खेत में एक झोंपड़ी बनी है उनकी, बस फिर क्या, यहीं छील मारते हम उन फूटों को! तो हम बातें करते करते...
मैं नीचे चला आया, और शहरयार जी को सब बता दिया, उनसे, हमारे आगे के क़दम के बारे में नवोदित से बात करने के लिए कह कर, इत्तिला दी गयी, उन्हें कोई ऐतराज़ नह...
वो नहीं रह सकती मेरे बिना...वो नहीं रह सकती...!" बोली रोते हुए, इस बार बहुत तेज, हुलकारा भर, रोई थी वो!"जानता हूं स्नेहा! वो नहीं रह सकती! ठीक आपकी तर...
हम उस रास्ते पर उतर गए, ये एक कच्चा-पक्का सा ही रास्ता था, शायद पहले कभी खरंजा डाला गया होगा, टूटी हुई सी ईंटें यहां-वहां पड़ी हुई थी, या फिर, अभी वो र...
"समझ लो स्नेहा कि आज आप बिलकुल ठीक हो जाओगे!" कहा मैंने,कुछ नहीं बोली वो, दरअसल वो मानती ही नहीं थी कि कोई मानसिक-व्याधि है उसके साथ!"बस, अब कुछ ज़रूरी...
वे बच बच कर निकल ही रही थीं, कि रामो की नज़र उधर जा पड़ी! जैसे ही पड़ी वो रुक गई! उसने देखा, वहां तो लाशें बिछीं हैं? हर तरफ! उस जगह पर जैसे पाँव रखने की...
आज मौसम भी बढ़िया था, धूप थी तो लेकिन आज उसमे पूर्ण यौवन नहीं था, कमसिनी सी थी! उस पर, सरपरस्ती की ओढ़नी, बादल चढ़ा देते थे! सूरज को भान तो था, लेकिन जब ...
मुकेश जी बाहर गए और साथ में एक और आदमी को साथ ले आये! उसका परिचय भान चंद नाम से दिया! ये आदमी सीधा सा, इकहरे बदन का, सफेद दाढ़ी और मूंछों वाला था, लगता...
अगर किसीको अपने कुल देवी ओर देवताके बारे मे ना पता हो तो शिव मंदिर मे शिव पूजन या नित्य शिव पर जलाभिषेक कीजिये सभी कुल देवी देवता की कृपा प्राप्त होगी...
"नहीं साहब! वो चीखा नहीं! जैसे उसका गला ही बंद कर दिया गया हो!" बोला वो,"ओहो, तो हाथ-पाँव नहीं मारे उसने?" पूछा मैंने,"नहीं जी, ऐसा लग रहा था कि वो भय...
