श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

समय अपनी यादों की पालकी को कभी नहीं रोकता! वो सदैव आगे ही बढ़ता चला जाता है! उसे न रोकने वाला कोई, न टोकने वाला कोई! यहां भी नहीं रुका, और आगे ही बढ़ता ...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

सभी को हैरत थी! ये तो असम्भव, सम्भव हो गया था! कौन मौत से लौटा है भला? कोई भी तो नहीं? लेकिन, उस रमेली को, सभी ने देखा था, रमेली की देह अकड़ी हुई थी, उ...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

लक्खी ने, और दो और साथियों ने, उस गड्ढे में, जिसने तीन तरह का अन्न और गोबर डाला गया था, उस रमेली की देह को लिटा दिया गया! रमेली की बहन, एक बड़ा सा दीया...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

क्या बोलते रमेली के बाबा? अब कुछ न बचा था, आखिरी उम्मीद भी बुझ चुकी थी, रमेली, रमेली को मृत्यु अपने संग ले गयी थी! क्या हुआ उस बेचारी के साथ! चढ़ गयी ए...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

सूरज निकल चुका था! लेकिन रमेली का सूरज, डूब गया था..उसके यहां, विलाप मचा था, जो सुनता, दौड़ा चला आता, कोई कहता कि किसी सर्प ने काट लिया है, कोई कहता कि...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

"मुझे धमकाता है? हैं? धमकाता है?" बोला बाबा,और कमर में खोंसा गंडासा निकाल लिया हाथ में! गुस्से में काँप उठा वो! अब नहीं थी सुध उसे! अब क्या होने वाला ...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

"असम्भव?" बोला बाबा,"हाँ!" बोला वो,"लेकर ही जाऊँगा!" बोला वो,"बस!" बोला गौणक!बाबा हंस पड़ा! उपहास उड़ाने लगा!"तू देखता जा!" बोला बाबा,"बस! धृष्ट?" बोला ...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

अम्मा की चुप्पी तो जैसे उस रमेली की दशा की तरह थी! वो दशा, जिसके बारे में शायद रमेली भी न जानती थी! मैंने अम्मा से कई बार गुज़ारिश की और तब, फिर से ये ...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

ओह! अब आया समझ! बाबा ने क्या किया था! मित्रगण! ये एक बेहद ही खतरनाक विद्या है! इसे, जमभाक-विद्या कहते हैं! ये विद्या, भारत में बेहद पुरानी है, अब इसका...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

चिल्लाते हुए, भरते हुए, गुस्से में भुनभुनाते हुए, वो चला जा रहा था! बाहर गया, और उस चतुर्भुज के पास आया! घूर के देखा चतुर्भुज को! एक लालटेन की रौशनी फ...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

वाह! बाबा की हिम्मत के क्या कहने! साथ खड़ी मौत से ही गले लगने को तैयार! और ऐसा कैसे? इसलिए कि अभी बाबा के पास, सम्भवतः कुछ और भी था! ये जो बाबा कर रहा ...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

बाबा पर न सिर्फ लालच का भूत चढ़ा था बल्कि, अपनी शक्ति का मद भी अब सर चढ़ कर बोल रहा था! कोई समझदार रहा होता, तो सम्भवतः कुछ प्राप्त कर भी लेता आशीष स्वर...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

बाबा ने तो पकड़ ली ज़िद! और पागल सा हो, अजीब अजीब से हरकत करे! कभी ललकारे कभी हंसे ही!"लौट जा!" आयी आवाज़,"सामने आ?'' बोला वो,"अवसर है!" आयी आवाज़,"अवसर? ...

2 years ago
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RE: रमेली! वर्ष २०१२, काल-बेला की वो अज्ञात पुजारिन!

अब बाबा ने, उठाया सर बकरे का, और उठायी एक डिब्बी, आगे चला, अपना गंडासा उठाया, पानी का बर्तन लिया, एक जगह दोनों ही लालटेन रखीं, और, उस डिब्बी से निकाल ...

2 years ago
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