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मुझे लगता है, मेरी इन बातों पर कभी भी यक़ीन नहीं किया जाएगा, ठीक भी है, ये तो बस मैं ही जान सकता हूं! पढ़ा था कि कोई पुनर्जन्म का फेर होगा, लेकिन नहीं, ...
"क्या हुआ?" मैंने ज़ोर से पूछा,शहरयार जी तो संग ही चल रहे थे मेरे, शायद और ही कोई बात हुई थी!"कुछ नहीं, पाँव फिसल गया था, पत्थर नीचे गिरे थे!" आयी आवाज़...
"कॉर्टो? कैसे हो?" पूछा मैंने,"मजे से हूं!" बोला वो,"काफी वक़्त हुआ यहां?" पूछा मैंने,"दो साल!" बोला वो,''वापसी कब?" पूछा मैंने,"इन सर्दियों में!" बोला...
फिर उस बकरी का ध्यान वहां गया और वो ठेर लायी उन्हें! वे उचकते हुए, चले गए वो!"लेट जाएँ ज़रा!" बोले वो,"लेटो जी!" बोला मैं,वो लेटे, आँखें बन्द हुई कि मु...
मैं उसको, अपने संग, नीचे मन्ज़िल से होते हुए, एक क्वार्टर की तरफ बढ़ा, रास्ते में, जो भी मिलता वो सलूट पेश करता और आगे चला जाता, इसी तरह से मैं उस कोठी ...
भोजन आ गया था! रख दिया गया था! भोजन में दाल अरहर और परमल की सब्जी थी! साथ में नींबू और मिर्च का अचार और थोड़ी थोड़ी करेले की भुजिया! हरी-मिर्च और प्याज!...
नोट नम्बर छह...इस नोट में, अर्णव ने उस डच-सीलोन के विषय में लिखा है! उसने या बताया कि उस समय वहां कौन सा राजवंश राज कर रहा था! किसने सबसे पहले डच टुकड़...
"हाँ, ये तो है ही! अब तो किसी भी क्षेत्र में देख लो! हर जगह यही है! हर जगह!" कहा मैंने,"दूर क्यों जाओ हो? आजकल तो भगवान का भी वर्गीकरण एवम व्यवसायीकरण...
आगे बढ़ने से पहले मैं आपको ये बता दूं कि कोई चेतन या अवचेतन मस्तिष्क की अवधारणा शेष न रहे, वो ये कि अवचेतन मस्तिष्क की अपनी अलग सीमाएं हैं, हद हैं, कुछ...
तो नरसिंह पानी लेने चला गया था, नरसिंह देखा जाए तो बड़े ही काम का आदमी था, चेला-मण्डली में सबसे 'उज्जवल' चेला कहा जाए तो समझ आये!"बाबा?" पूछा मैंने,"हा...
"खैर छोड़िये!" कहा मैंने,"जाने दो? हां?" बोली वो,मुस्कुराते हुए और थोड़ा करीब आते हुए, मुझे उसके बदन से और तेज सी महक़ आयी!"तो कल मिलते हैं!" कहा मैंने,"...
दरवाज़े पर कोई आया था, बाबा प्रसाद ने अंदर आने के लिए कह दिया था उसे, जो अंदर आया था, वो कोई युवक था, कुछ सामान ले कर आया था, अंदर आते ही उसने कुछ गम्भ...
मैं, पत्थर सा बन गया था! जिस्म का खून जैसे सारा का सारा उसके इस तीखे हुस्न ने निचोड़ के रख दिया था! वो चली आगे, मिलने उसी पल में उसके पूरे बदन को नाप ल...
"समझ सकता हूँ!" कहा मैंने,"हाँ, कई बार!" बोले वो,"उद्देश्य यही?" पूछा मैंने,"अधिकाँश!" बोले वो,"बाबा?" कहा मैंने,"हाँ?" बोले वो,"आप कहाँ के रहने वाले ...
करीब पंद्रह मिनट के बाद, दो गार्ड्स वहां आ गए, उस पहले वाले गार्ड्स ने उनसे बातें कीं, और वे दोनों, तब मुझे ले कर चल पड़े वहां से! अंधेरा तो था, लेकिन ...
