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यहां ऐसा कुछ भी न था जिसको कुछ असामान्य कहा जाए, सब वैसा ही, जैसा एक देहात में अक्सर ही होता है, एक जाता हुआ बड़ा सा रास्ता, दोनों तरफ, भूड़ लगी हुई और ...
"हां?" बोले वो,"यहां बहुत ही अजीब सी बात मुझे कभी कभी, महसूस होती है, लगती है, आभास सा देती है!" कहा मैंने,"वो भला, क्या?" पूछा उन्होंने,"कुछ बातें मु...
वे सभी पेड़, बेहद ही शानदार और बड़े थे! उन्होंने अपनी ज़िन्दगी में वहां के माहौल का चप्पा-चप्पा छान मारा होगा! अनगिनत ग्रीष्म, वसन्त, वर्षा एवं पतझड़ आदि ...
उन्होंने मुझे एक शकरपारे का टुकड़ा दिया था, गुड़ से बना हुआ! ये तो खैर होता ही लाजवाब है! एक खाओगे तो दो-चार का पता ही नहीं चलेगा! वही दिया था, चाय के स...
"हां महेश?" कहा मैंने,"बहुत बुरी बीती उस दिन तो!" बोला वो,"बहुत बुरी?" पूछा मैंने,"हां!" बोला वो,"कैसे?" पूछा शहरयार जी ने,"उस दिन मुझे गाड़ी पकड़नी थी,...
"हां! तुम हरबेर्टो ही हो! मैं जानती हूं!" बोली वो, थोड़ी सी लड़खड़ाती हुई आवाज़ से, साफ़ था, मेरा मन ही रख रही थी वो, सच्चाई तो वो बखूबी जानती ही थी! मैं ह...
"दो हज़ार आठ?" पूछा मैंने,"हां जी!" बोला वो,"बैग में क्या हो सकता था?'' पूछा मैंने,"हल्का सा ही था बैग, कागज़ ही होंगे!" बोला वो,"अच्छा, तो वो चला गया?"...
कृष्ण जी, भी हमारे साथ सलाद और रम का आनन्द उठा रहे थे, कमरे में सीमा सी शान्ति थी, कुछ ऐसी शान्ति कि अगर बाहर से कुछ 'हू!' की सी आवाज़ आ जाए तो सब एक द...
"आग तो किसी गलती की वजह से भी लग सकती है!" कहा मैंने,"हां, अक्सर गलती की वजह से ही लगती है!" बोले शहरयार जी!"प्रकाश कहां रह गया?" बोले मास्टर जी से पू...
"तो अब बताओ फिर!" बोला वो,मैं चुप रहा! अंदर से गुदगुदी सी होने लगी थी मुझे!"हरबेर्टो?" बोला वो,"हम्म?" कहा मैंने,"क्या हुआ?" पूछा उसने,"कुछ नहीं!" कहा...
सारी बातें सुनीं मैंने, इनमे कुछ समानताएं थीं, जैसे कि जो नज़र आते थे, वे लड़के से ही थे, बीस-बाइस बरस के ही! इनकी संख्या क्या थी, ये भी वैसे पक्का पता ...
"क्या हुआ?" पूछा मैंने,अब तो सभी मास्टर जी को ही देखने लगे थे! उनके सुनाने का ढंग ठेठ देहाती सा था, इस लहजे में, घटना कुछ अधिक समझ आती है, बड़े बड़े शब्...
वो बेचारी फिर से अचरज में पड़ गयी! ज़िन्दगी में ऐसा भला किसके साथ होता होगा! मेरे साथ क्या हो रहा था, ये भी मुझे मालूम नहीं था! मैं कब अर्णव से हरबेर्टो...
"अच्छा जी!" कहा मैंने,"हाँ जी!" बोले मास्टर जी,"क्या फौजी साहब से बात हो सकती है अगर ज़रूरत पड़ी तो?" पूछा मैंने,"हाँ जी, नेक आदमी हैं!" बोले वो,"फिर तो...
"अर्णव?" बोला वो,"कहिये?" कहा मैंने,"आज तक मैंने ऐसा कभी नहीं देखा!" बोला वो,"उम्मीद भी नहीं!" कहा मैंने,"मेरी नज़र में आप ठीक हो!" बोला वो,"यही मैं कह...
