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हरबेर्टो ने उसको पहचानने की कोशिश की! लेकिन अभी कर ही रहा था कि वो लड़की बड़ी ही आत्मीयता से वहां आयी, मुस्कुराई और साथ ही बैठ गयी! हरबेर्टो ने उसको पहच...
नोट्स नम्बर १८ से २०..............................कुछ पहले के नोट्स में अधिक कुछ नहीं लिखा, यही बताया कि उसे चलने में दिक्कत थी, व्हील-चेयर पर ही बैठ ...
डॉक्टर ने, अर्णव के बताये हुए, सभी नाम और जगह आदि के नाम उस कागज़ पर लिख लिए! अब उसका क्या अंदाजा था, ये तो वो ही जाने! जिस विज्ञान को हम अपने आप में प...
"अर्णव?" एक आवाज़ सी गूंजी!अर्णव के जैसे सोये हुए ताल में, कोई बयार तेजी से छूती हुई चली गयी ऊपरी सतह को!"अर्णव?" आवाज़, फिर से गूंजी!और इस बार उसके कन्...
"मोम? हरबेर्टो?" बोली वो, अनायास बोली हो, ऐसा लगा!"हां?" बोला वो,"मोम भी सख्त हो जाता है!" बोली वो,"अगर गरमाइश न रहे तो!" बोला वो,"रहेगी!" कहा उसने,"ज...
हां! हरबेर्टो को क्या ज़रूरत! क्या ज़रूरत जो दो दो बार बोले! उसका एक बार बोलना ही बहुत था! वे दोनों अभी सामने ही देख रहे थे, कि पीछे से कुछ आवाज़ हुई, एक...
उस चौकी पर, अलाव जलाया गया होगा, संतरी रंग की आग सी दीख रही थी उधर! मालाबार का ये क्षेत्र वैसे ही अत्यंत सुंदर, और प्राकृतिक सौंदर्य की खान है! सच में...
वो पीछे हो गया था! कोई नयी बात नहीं! हां, कोई नयी बात नहीं! ये तो क़ुदरत का एक अलग ही कानून है, क़ायदा है कि जब एक से दो, विपरीत लिंगी सम्मुख हों, तब कु...
"क्या आपका नाम ले सकती हूँ?" बोली वो,"हां...हां..क्यों नहीं! मुझे ख़ुशी होगी इसमें!" बोला वो,"सच में?" बोली वो,"हां, सच में ही!" बोला वो,"तो आप यहां आइ...
बातें होती रहीं! और शाम अपना सामान उठा, चलने को हुई! अब उसने आने वाली रात्रि, उस वधु का श्रृंगार जो करना था, जिसका घूंघट, बस सूरज ही उठा सकते थे! हां,...
"ये ज़मीन?" पूछा उसने,"मेरी है!" बोला जानेर!"कमाल है!" बोला वो,"हां, कमाल ही है!" बोला वो,"बहुत ही बढ़िया!" बोला वो,"मुझे पैतृक रूप से मिली!" बोला वो,"स...
रास्ता बड़ा ही सुंदर था! दोनों ही तरफ, विशाल पेड़ लगे थे, उनकी जड़ों में बड़े बड़े से पौधे! बीच बीच में समुद्री पत्थर, बड़े बड़े! ताल बने हुए थे! समुद्री पक्...
क्या ये कोई चिंता की बात थी? शायद हो! शायद नहीं! अब ये तो उस लिफ़ाफ़े को खोल कर ही पता चले! कहीं कोई फौरी-आर्डर ही न हो! खैर! वो चला और अपने कमरे में चल...
"फिर?'' पूछा मैंने,"उसके बाद, मसूद और उसका सहयोगी लड़का, जो कोई चौदह साल का रहा होगा, खोखा बन्द कर, ताला लगा, चल दिए अपने गांव की तरफ!" बोले वो,"पैदल ह...
उस शाम हम वहीं बैठे रहे, अब तक तो अँधेरा भी हो चुका था और उस ढाबे पर, कुछ ट्रक भी रुकने लगे थे, खैर हम तो सभी से अलग ही थे, लेकिन उस पानी की हौद में ह...
