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अब सभी शांत हो गए थे, कोहरा भी जैसे उछलते हुए, उसी कमरे में आ कर हमारे साथ आ बैठा था! मैंने जगह देखी और वहीँ बैठ गया! पूरा गद्दा सा ऐसा गीला सा लगा कि...
तो हमने तातार का भोग रख लिया संग अपने! उसको ही जाना था तो उसके लिए ही भोग भी लिया गया था! शेष कुछ अपने लिए भी था, लेकिन अभी तो तातार का काम ही पहले था...
तो मैंने उनके कुछ प्रश्नों का उत्तर दे, समाधान किया! ये मामला बेहद ही अजीब तो था ही, बिना सूत्र वाला भी था! वे चोण ही हों, ये भी तो पता न था! अभी मेरी...
हम बाज़ार जा पहुंचे, अब जो भी सामान था वहां उपलब्ध, ले लिया था, ये काम सुजान के बस का नहीं था, इबु को भी दो दो हाथ करने पड़ जाते, तब तातार ही इसके लिए स...
मित्रगण! मैंने गिने हैं! अब कुल छह ही पृष्ठ बाकी हैं! बस इन्हीं में सब छिपा हुआ है! मेरी सांसें भी तेज हो चली थीं! क्या हुआ होगा? कहां चला गया था वो ब...
मैं आगे बढ़ा, वो वहीँ खड़े रहे, और मैं उनके समीप आ गया! करीब दस फ़ीट! एक बड़ी ही अजीब बात थी! वे सब एक ही कद-काठी के, एक ही रूप के, एक ही छंटा के, वर्ण के...
तो हमने एक तो वहां की मिट्टी ले ली! ये ज़रूरी भी था, पकड़ के लिए स्थान की मिट्टी या कोई वस्तु आवश्यक हुआ करती है, अब शक्ति, जिसकी पकड़, लेनी है वो भला क्...
अब मेरे पास, तीन नोट्स ही बचे हैं! कुल मिलाकर, जब मैंने गिने तो नौ पन्ने! इन्हीं नौ पन्नों में शायद कुछ हाथ आये! लेकिन जहां हाथ कांप रहे थे, वहीं दिल ...
जन्म-जन्मांतर का बन्धन! क्या ये भी कोई सूत्र हो सकता है? क्या इसमें कोई सच्चाई हो सकती है? क्या ये, सच में सम्भव है? अगर अर्णव ही हरबेर्टो है तो जिशाल...
बड़े ही कमाल की बात? ऐसा भला कैसे सम्भव? गौर से देखा जाए तो इस कहानी में, कई होलझोल थे, पहले ये कि गाड़ी पूरब से आ रही थी, घटना के बाद, उसका मुंह पूरब क...
क्या बात है न! ये दिल, अजीब है बहुत! पता नहीं क्या चाहता है! कभी कुछ कहता है और कभी कुछ! कितने ही सरल तरीके से विवेक से यारी गांठ, उसे किसी और ही काम ...
कुछ और भी बातें चलती रहीं! वो नक्शानवीस काफी समय से यहां थी, उसे राजनीति चर्चा-परिचर्चा में अधिक रूचि थी, साफ़ पता चलता था! खैर, करीब डेढ़ घण्टे के बाद ...
बाहर कुछ लोग थे, वो उनके लिए तो नहीं, हां, वहां उस कॉटेज में सामान रखने आये थे! कुछ आवाज़ें हुई थीं और इन्हीं आवाज़ों ने उनका ध्यान खींचा था अपनी तरफ! ह...
"और न कहा तो?" पूछा मज़ाक़ से,"तब यही समझो!" कहा गम्भीरता से,"हरबेर्टो?" बोली वो,"यही सच है!" कहा उसने,"मैं, परिचित हूं तुम्हारी!" बोली वो,"वो कहीं अधिक...
वॉन ने उसे, उस रिकॉर्ड-रूम तक छोड़ दिया, रिकॉर्ड-रूम में, दो सहायक थे, उसे देख सलूट पेश किया और तब, लाइन-चार्टर मांगा उसने, अब उसने अपना नाम ढूंढा! नाम...
