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ऐसा लगता था कि जैसे ये बारात किसी फौजी-सरंक्षण में आगे जा रही हो! फौजी टुकड़ियों के साये में! हमें तो यही लगा था कि एक रसूखदार और सरकारी ऊंचे ओहदेदार क...
आज तो आफ़त में पड़ी थी जान! पर निकले बाहर वहां से! उस जगह से नहीं, उस, ईमान डिगाने वाली महरोज़ के उस जाल से! शर्मा जी और कमल जी, ये तो पलटीमार साबित हुए ...
"कब मिलवाओगे?" पूछा मैंने,"आज ही मिल लेना!" बोले वो,"है कहाँ वो?" पूछा मैंने,"यहीं है!" बोले वो,यहां से बात शुरू हुई थी हमारी! बाबा ने तो ऐसा मृद-भांड...
"अब?" बड़ा ही अजब सा 'अब' था ये तो! सीने में धौंकनी सी चलाने लगा था! और वो, वो बला! आफ़त बन, टूटे जा रही थी हम पर! उसकी एक एक शोख अदा, हमारे में नश्तर स...
प्याला भर दिया गया था! सामने ही रखे थे तीन प्याले! लेकिन हम तो पहले से ही पी रहे थे! अब ये बात महरोज़ को मालूम तो थी, लेकिन क्या करें! हुस्न को एक आदत ...
मैंने प्याले का आखिरी घूँट खत्म किया, उतारा हलक़ के नीचे! चेहरे पर लाली छा गयी थी, मुझे पता चल रहा था, मुझे तपिश महसूस हो रही थी! ये ठीक वैसा ही था की ...
यही कुछ ख़ास वक़्त न हुआ था, बात सही थी, अभी तो रात अपनी कमसिनी में थी, जवान होने में अभी वक़्त बाक़ी था! बात अब शौक़ फरमाने की थी, देखना था की किस मायने क...
हम उसके साथ साथ चले जा रहे थे, रौनक तो बेहतरीन थी! अज़ीम-ओ-तरीन लोगों ने शिरक़त की थी इस बारात में, साफ़ दीखता था! सबसे बड़ी बात, यहां अलग अलग महकमों के ल...
तभी मेरा हाथ, बग्घी की बायीं तरफ गया! वहां कुछ मोटी मोटी कीलें सी दिखीं मुझे, छू कर देखा, तो वो कीलें लोहे की नहीं थीं, मुझे पहले ऐसा ही लगा था, जैसे ...
"ये तो शाही प्रेत लगते हैं!" बोले शर्मा जी,"असर-ओ-रसूख़मंद!" कहा मैंने,"और मौक़ा भी तो बारात का है!" बोले शर्मा जी,"हाँ! ये भी बात है!" कहा कमल जी ने,"क...
हमारा फांसला अब न के बराबर ही रह गया था! कोई उस सड़क पर उचक कर देखता अगर, मद्दे-नज़र-ए-एहतियात तो बखूबी हमे धर ही लेता! लेकिन वो जो सैनिक थे, शायद ये नह...
अब, मंजिल सामने थी, मंजिल, जिसके लिए हम अभी तक परेशान थे, और अपने शहर को छोड़, यहां आये थे! एक बात तो तय है, ये प्रेत जो भी थे, मुझे शरीफ़ ही लगे, नहीं ...
बारिश नहीं थी, और इसका निश्चित रूप से लाभ ही मिलना था हमें! कम से कम भीगते तो नहीं! उस मौसम में भीगना बड़ा ही दुखदायी पड़ता!अब पता नहीं इस दफ़ा भी हमें ब...
बारात को देखकर लगता था कि वो किसी अच्छे, रसूखदार इंसान की बारात है, जिसका अवाम में कुछ ख़ास मुक़ाम हुआ करता है! हाथी, घोड़े और ऊँट भी हर एक के बसकी बात न...
