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हम चल पड़े वापिस, उसने सकोरे एक जगह रख दिए, कपड़े पोंछते हुए हम वापिस हो गए, बीच रास्ते से, उसका रास्ता अलग और मेरा अलग हुआ!"ठीक है, बताओ फिर!" कहा मैंन...
हम आ गए बाहर, उसने सांकल चढ़ा दी, और फिर हम संग ही, चले बाहर, चाय ली, मिट्टी के सकोरों बर्तनों में चाय मिली थी! गर्मागर्म चाय और उठती हुई भांप! मिट्टी...
"ये नहीं समझा सकती मैं!" बोली वो,"मैं बताता हूँ!" कहा मैंने,"जी, बताइए?" बोली वो,"मानती हो?" कहा मैंने,"क्या?" बोली वो,"सब यहीं है?" पूछा मैंने,"अर्था...
"हाँ काजल! अभी तो मात्र आंकलन ही है, अभी तक तो यही प्रतीत होता है!" कहा मैंने,"लेकिन, यदि ऐसी विद्या यदि है, कहीं भी जीवित, तो सच में, ये एक बहुत ही ल...
"जो है वो है नहीं! जो नहीं है, वो नित्य है!" कहा मैंने,"इसका क्या अर्थ हुआ?'' पूछा उसने,"बता रहा हूँ!" कहा मैंने,"सर्वप्रथम, अपने मन से, समस्त कीलें ह...
''तो यहां कहाँ?" पूछा उसने,"पूछो ही मत!" कहा मैंने,"क्यों? क्या हुआ?" बोली वो,"सुनो ज़रा, अगर वक़्त हो तो!" बोला मैं,"वक़्त ही वक़्त है, हाँ, बोलो?'' बोली...
मैं जैसे ही मुड़ा मुझे एक जाना-पहचाना सा चेहरा दिखाई दिया! ये काजल थी, बहुत समय बीत चुका था उस से बातें हुए! वो भी ठहर गई थी! उसने भी पहचाना और मैंने भ...
अब गुस्सा तो आये, लेकिन किया क्या जाए? जामू तो निकल लिया था, और ये सिंघा, इसके पेट में दारु हांडै! कहीं गुस्से में, पटक देता तो और मुसीबत हो जाती! लेक...
"नहीं, कोई काम नहीं!" कहा मैंने,"कोई बात नहीं" बोली वो,मैं फिर से उस सिंघा के इंतज़ार में बैठ गया, पता नहीं कहाँ चला गया था, कहीं उलटा तो नहीं हो गया थ...
घास पर चड़क-चड़क सी हुई मेरे दाएं! अवश्य ही कोई औरत ही आ रही थी! मैं चुपचाप ही बैठा था, बस उधर ही देख रहा था! उसी ने आवाज़ दी थी, देख लिया होगा बैठे हुए,...
सब ओर अँधेरा ही बरपा था! जुगनू टिमटिमा जाते थे कभी-कभार! कोई, झाड़-पत्ती में फंस जाता तो जैसे वहीं फंस, इंतज़ार ही करता! थोड़े हाथ-पाँव चलाता और निकल भी ...
"अब कुछ छिपाने से लाभ नहीं कंचन!" कहा मैंने, हल्का सा मुस्कुराते हुए!वो, शांत थी, शांत, जैसे कई दिनों बाद, शायद जैसे, किसी ज़ख्म के दर्द, आज मंद पड़ा हो...
"उस कुँए तक!" कहा मैंने,"हाँ!" बोली वो,"तो एक बात साफ़ है!" कहा मैंने,"क्या?" बोली वो,"ये सफेद रौशनी! तुम जाती थीं मिलने, तुम्हें देखा कई बार, ममता ने,...
"मुझे नहीं लगता कि तुम्हारा एकांश-मंडल खुला है!" कहा मैंने,"क्या?'' चौंक पड़ी वो!"हाँ, मुझे तो यही बताया गया था!" कहा मैंने,"मैंने तो नहीं कहा?" बोली व...
