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मैं चला उस तरफ, मैं चला, तो सभी आने लगे, मैंने रोका उन्हें, सिर्फ शर्मा जी को ही बुलाया अपने साथ, मैं गया आगे, और उठाया कुछ, उलट-पलट के देखा, ये एक सफ...
"झूठ मान रे हो?" बोले बड़े बाबा,"ना!" कहा मैंने,"तो भैया, घर कू जाओ!" बोले वो,निकाल ली बीड़ी, तहमद में उड़सी हुई थी, निकाली बंडल से बाहर, ऊँगली और अंगूठे...
तो हम वहाँ पहुंचे, वो तो बड़ी ही सुनसान सी जगह थी, अच्छे से अच्छा जीवट वाला भी दो बार सोचे वहाँ रात को रुकने में! और वो बेचारे, दो गरीब, अपने परिवार सं...
मेरे तो कान खड़े हो गए ये सुनकर! जैसे श्वान के कान खड़े हो जाया करते हैं! बहुत ही अधिक समय बाद मैंने किसी कोल्या का ज़िक़्र सुना था आज! तो, कान खड़े हो जान...
अब जो जो, चौकड़ी मारे बैठे थे, खड़े हो बैठे! उनके लिए वो औरत नहीं, वो कोल्या आ रहा था! पता नहीं क्या हो, गौमा तो उस कल्लो को ले, वहां से खिसक ली थी! कही...
"अब क्यों बताएगा, ये तो पता ना है!" बोला बिसन!"रै? ज़ोर तो लगा?" बोले बाबा,"कैसा ज़ोर? अब होगी कोई बात?" बोला बिसन,"कोल्या कुछ बताना चाहता है, लेकिन किस...
बाबा चखण्ड नाथ ने सारी कहानी सुनी! बीच बीच में सवाल भी किया, गौमा, कल्लो ने जो जो देखा था, जैसा जैसा भुगता था, सब बता दिया था उन्हें!"उस औरत की उमर कि...
शाम हुई और बाबा हुए तैयार! कल्लो को सबकुछ समझा ही दिया था, कल्लो, इक्कीस या बाइस बरस की युवती थी, वो ऐसे प्रेत-बाधा जैसे कार्यों में, मदद कर दिया करती...
"बताएं क्या हुआ था?" पूछा मैंने,"अब जो मैं बताऊंगा, मुझे उस पर अभी तक यक़ीन नहीं, लेकिन हरीश ने बार बार कहा! सौगंध खा ली! बोला ये सच है!" कहा उन्होंने,...
"क्या इस से वे घबराये नहीं?" पूछा मैंने,"देखिये, अब डर तो सभी को लगता है, भले ही कोई न दिखाए!" बोले वो,"हाँ, ये तो है!" कहा मैंने,"उन्होंने फ़ोन किया छ...
भोजन हुआ, मद्य-पान हुआ, पूजन पहले ही हो चुका था, अब विश्राम करना था, शयन-स्थल में जाना था, जहां शर्मा जी विश्राम कर रहे थे! उस समय, रात्रि का एक बज रह...
"नयना?" बोला मैं,उसने देखा मुझे, फिर से गुहार सी, उन प्यारी, सुंदर आँखों में!"समय आ गया नयना!" बोला मैं,"मैं जानती हूँ!" बोली वो,"आओ, खड़ी हो जाओ!" कहा...
शम्भू जानता था! जानता था कि आमने-सामने पार नहीं पड़नी! वो शक्ति-साधिका थी! आमने-सामने में तो जहाँ छक्के छूटते वहीँ जान के लाले पड़ जाते! और अरुणवेश की ख...
