श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१३ दतिया, मध्य-प्रदेश की एक घटना!

उसी दिन दोपहर में शर्मा जी ने बात कर ली थी मोहर सिंह से, और मोहर सिंह ने सतीश से, दो दिन बाद जाना था, गाड़ी रात की थी, आराम से सो कर जाते, सुबह उठ ही ज...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ दतिया, मध्य-प्रदेश की एक घटना!

बात तो हैरान कर देने वाली थी! मुझ में तो सनसनी सी दौड़ गयी! मोहर सिंह बना के बोल रहे हों, ऐसा भी सम्भव नहीं था, वे सीधे और सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं!"उ...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

"ठीक है मनोज!" कहा मैंने,और तब अपना कण्ठमाल अपने कानों पर रख लिया मैंने! ये एक क्रिया ही है, कुछ उद्देश्य-पूर्ति हेतु! "सुनो!" कहा मैंने,"पापा? पापा?'...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

उसने तब बच्चों को कुछ समझाया, जिसे वो समझ सकते थे और समझ भी गए! वे वहीँ जा खड़े हुए, पीछे की तरफ! आ गया था मनोज मेरे पास ही! मायूस, टूटा सा, जैसे शायद,...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

हम बढ़े आगे की तरफ, जहाँ वे सब थे, वे तीनों ही, काफी समय बाद मिलन हुआ था, समय! समय मात्र हम मनुष्यों के लिए ही तो है! इन प्रेतों के लिए समय के कोई मायन...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

"समझ गया हूँ मनोज!" कहा मैंने,"मुझे मिलवा दो, मिलवा दो, मैं तड़प रहा हूँ" बोला वो!"बस, कुछ देर और!" कहा मैंने,शहरयार, मेरी तरफ ऐसे देख रहे थे कि मैं जै...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

मैं आगे गया तब! अब मुझे उस मनोज के प्रेत को, उस भू-गर्भ से बाहर खींचना था जहाँ वो अपनी ही रची क़ैद में क़ैद था! एक बार वो प्रेत अवस्था में बाहर आता तो ह...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

"जल्दी चलो?" बोली सिम्मी,"हाँ, चलता हूँ" कहा मैंने,"जल्दी?" बोला संजू भी,"हाँ बेटा, चलता हूँ!" कहा मैंने,"शहरयार जी?" कहा मैंने,"जी गुरु जी?" बोले वो,...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

"बच्चे? मुझे क्या फायदा झूठ बोल कर?" पूछा मैंने,"हमें नहीं सुनना, चले जाओ" बोले दोनों ही,"जाऊँगा तो ज़रूर!" कहा मैंने,"अभी" बोली सिम्मी!"हाँ, अभी!" कहा...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

वे ठिठक कर रुक गए थे! उन्होंने देखा तो था, लेकिन वो लड़का, ईंट उठाकर मार्गी, ये नहीं देख पाये थे!"यहीं रहो!" कहा मैंने,"ह..हाँ!" बोले वो,"संजू?" कहा मै...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

"संजू? संजू?" चीखा मैं,लेकिन वो, पीछे हटता हुआ, पहले धीरे और फिर घूम, दौड़ा चला गया! बजरी पर 'छर्र-छर्र' की आवाज़ें आती रहीं!मैं दौड़ता हुआ चला गया, टहनि...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

और फिर वो फुसफुसाहट बंद! एकदम से शान्ति! अब तो वे आने ही थे, ऐसा ही लग रहा था! बच्चे डर रहे थे, इसमें कोई संदेह यहीं था, उनको तो पता ही नहीं था, लेकिन...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

हवा बेहद ही ठंडी चल रही थी! पानी की बूंदें जैसे टपक रही हों फुहारों में, ऐसा लग रहा था, मारे सर्दी के खड़े रहना मुश्किल था वहां! बजरी ठंडी होगी, ये तो ...

2 years ago
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RE: जयपुर के पास की एक घटना, वर्ष २०१५, वो सर्दी की एक रात!

हम आगे चले, आसपास कुछ सामान सा बिखरा था, लोहा-लंगड़ सा था, जंग खाया हुआ, शायद कोई निर्माण कार्य शुरू होना हो, और न हो पाया हो, ऐसा ही लग रहा था, और कोई...

2 years ago
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