श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

भोर हुई, और तब तक, वेदल, बेजान हुई, उसको बैठना पड़ा, एक पेड़ के पास, नागफनी के सहारे, अब उसमे, चलने का साहस नहीं बचा था, बेदम, और निढाल! भोर की वो शीतल ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

कहते है, कि बिरहा में तड़पते हृदय की अगन, सिर्फ वही जाने जो बिरहा की अगन में सुलगा हो...वेदल, सुलग चुकी थी अब, अब सुलग नहीं रही थी, बल्कि सुलग चुकी थी,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

मध्यान्ह में ही, वो गागर में जल भर, चल पड़ी थी मंदिर के लिए! कह कर गयी थी कि वो मंदिर जा रही है और आ जायेगी वापिस, पूजा कर के! वहां जाते समय, बहुत खुश ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

माँ से हुई अनबन! माँ यूँ परेशान कि आज तक, कभी पलट के जवाब नहीं दिया वेदल ने, और आज साफ़ ही मना कर दिया? अब हम क्यों चाहेंगे उसका बुरा? घर-बार अच्छा है,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

और वेदल हमारी! किसी से कुछ न बोली, गागर उठा, पानी भर, बेसुध सी, चल पड़ी, लूनी माँ के मंदिर! माँ ने पूछा, तो कह दिया कि मंदिर जा रही है, आ जायेगी जल्दी!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

"नहीं वेदल! नहीं! जी फटता है मेरा, नहीं वेदल!" बोला वो, उसके आंसू पोंछते हुए!और वेदल, उन चौदह दिनों का इकठ्ठा सैलाब, बहाने को आतुर! वो समझाये जाए, वो ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तराखंड की एक घटना!

और अगले ही क्षण! तैतिल प्रकट हुआ! तैतिल से कौन नहीं होगा प्रभावित! उसने मनुष्यों का आचरण, बखूबी देख लिया था! उसके बावजूद भी, तैतिल ने, मदद की उन दोनों...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

चला गया था चंदन! न देखा था उसने पीछे मुड़ कर, वैसे साफ़गोई से रु-ब-रु करा गया था! अपनी हद में रह कर, जो किया था उसने, उस से, दिल बाँध गया था वो वेदल का!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तराखंड की एक घटना!

और अब जो उसने मंत्र पढ़ा, वो उसकी हार का मंत्र या जीत का, नहीं पता! आप ही विचार करें मित्रगण! उसने क्या मंत्र पढ़ा? बताता हूँ अभी! उसने उठाया त्रिशूल! च...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

अगला दिन! बोझिल दिन! अँखियों में, नींद के डोरे तैर रहे थे! कजरा बह चला था अँखियों के किनारों से! लेकिन वेदल की आँखें, वो सुंदर आँखें अभी तक, कुछ ख्याल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

वेदल, दौड़कर, हांफती हुई, चढ़ी हुई साँसें लेकर, घुस गयी थी घर में! लेकिन जी तो बाहर ही रह गया था उसका! उसका जी तो, अभी तक उलझा था उस नौजवान में! वो जितन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तराखंड की एक घटना!

और जब मित्रगण! कोई समय की गति के पहियों का घूर्णन या ध्वनि सुन लेता है, तो उसका समय इस धरा पर, समाप्त होने हो होता है! मृत्यु-शैय्या पर लेटे हुए व्यक्...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

संदूकची खुली! पता नहीं कितने सालों के बाद! कितने सालों बंद रही वो! आज खुल रही थी! जैसे ही खुली, सभी की निगाहें उसी पर पड़ीं! अंदर काले रंग का एक कपड़ा ब...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तराखंड की एक घटना!

बाबा का ये प्रयोग भी छिन्न-भिन्न हो गया! ये एक महाप्रयोग था, लेकिन उसकी तो किरिचें उड़ा दीं! पुत्तन और लोहकू मारे भय के, अपने पांवों से, रगड़-रगड़ कर, भू...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१४ पुष्कर, राजस्थान, के पास की एक घटना

शाम हुई, बजे छह, हम जागे हुए थे, चाय की चुस्कियां भर रहे थे! मैंने कुछ तैयारी कर ही ली थी, मक़सद यही था कि आज उस वेदल को क़ैद किया जाए, और किया जाए खुला...

2 years ago
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