श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१३ उत्तरांचल के एक स्थान की घटना!

बाहर बारिश ने ज़ोर पकड़ा हुआ था! बादल गरज रहे थे! बारिश पूरे वेग से गिर रही थी! और मुझे कुछ जिज्ञासा की बारिश मार रही थी कि पता नहीं मुरी कुछ बताये या न...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तरांचल के एक स्थान की घटना!

वो जगह अब दूर नहीं थी! दिखने लगी थी! खुला सा क्षेत्र था वो! दूर एक गाँव बसा था, वही दिख रहा था! इस समय तक साढ़े ग्यारह बज चुके थे! भगवान ने सुन ही ली थ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तरांचल के एक स्थान की घटना!

उस शाम हमने बाबा लोगों से कोई बात नहीं की! बाबा न जाने हमे सबसे बड़े प्रपंची से लग रहे थे! अब तो उस मंदिर का गायब हो जाना भी संदेह के दायरे में आने लगा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तरांचल के एक स्थान की घटना!

चेहरा, उसका, लाल सा होने लगा! हो न अहो, वो कुछ जानता तो अवश्य ही था इस विषय में! बस बताने से हिचक रहा था! अब वो था क्या? ये जानना ज़रूरी था बहुत! तभी क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

अन्धकार छंट गया! वो गंध! वो मंजर, वो वक़्त की जमी गर्द! वो मौजूदगी, वो आहें और वो हंसी, अब सब जा चुके थे! यह गया था कुछ शेष तो, बस वो रसोई, वो घर और कु...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ उत्तरांचल के एक स्थान की घटना!

तो वो तेंदुआ, बघेला दौड़ता हुआ दूर जा चुका था! अब हम सुरक्षित थे! यहां कंदराएँ तो थीं, लेकिन उनमे प्रवेश करना दुष्कर कार्य था, सांप, बिच्छू आदि ज़हरीले ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

"क्या हुआ?" पूछा मैंने,"नहीं, नहीं जा सकती" बोली वो, हो कर, बेचैन!"क्या हुआ शीतल?" पूछा मैंने,"नहीं" बोली सर हिलाते हुए,"बताओ तो?" पूछा मैंने,''वो.......

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

ग़लतफ़हमी क्या करवा सकती है, कच्चे कान क्या करवा सकते हैं, ये सामने ही, नतीजा था! ऐसा अंजाम! मैंने तो सोचा भी नहीं था! सोचने वाली बात है, रोहन को इस से ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

और तब! तब मुझे उस पर बेहद गुस्सा आया! वो मुझे बरगलाना चाह रही थी! कहानी, उसमे मोड़, फिर से नई कहानी, और फिर से उसमे मोड़! न जाने कितने मोड़! जी तो करे, अ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

भले ही वो प्रेत थी! लेकिन एक माँ का ममत्व नहीं भूल सकी थी वो! जिस तरह से वो, अपने उस बालक को चूम रही थी, सर पर हाथ फेर रही थी, साफ़ दीखता था कि माँ, मा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

इतनी ज़ोर से, कि मेरी पलकें भी न झपकी थीं और वो ठीक मेरे सामने थी! उसकी गोद में, सोता हुआ उसका बालक था, बड़ा ही सुंदर! घुंघराले से बाल, गोलू-मोलू सा! मो...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

भावना! ये नाम लिया था उसने, रश्मि, ये भी नाम! रश्मि से तो मिल लिए थे हम, ये रोहन की विधवा है, भावना कौन? ओह हाँ! याद आया! भावना तो शीतल की छोटी बहन है...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

"तू, जानता है मुझे?" पूछा किसी ने,"हाँ, शीतल हो न तुम?'' कहा मैंने,"मर गई शीतल" आई आवाज़,"कैसे मर गई?" पूछा मैंने,"आग लगी, मर गई" बोली कोई,"नहीं" कहा म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१५, दिल्ली की एक घटना, शीतल की दर्दभरी लालसा!

अंदर से बर्तन बिखरने की आवाज़ आई थी! हालांकि अंदर कोई बर्तन था ही नहीं! न कोई ऐसा सामान, जो इस तरह से गिरे! ये मुझे डराने के लिए ही था! सामर्थ्य दिखा र...

2 years ago
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