श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Jul 17, 2026
Topics: 245 / Replies: 9255
Reply
RE: वर्ष २०१४ शिमला राज-मार्ग की एक घटना!

मैं खड़ा हो गया था, मुझे अब सब मालूम पड़ गया था कि उनके साथ उस रात क्या बीती थी! इसको कुल ग्यारह वर्ष, इस वर्ष, हो चुके हैं, न राजेश ज़िद ही करता और न ये...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

मैं उस पुरानी पुलिया पर, हाथ टिकाये हुए खड़ा था, पुलिया की दीवारें तो गीली ही थीं, जैसे ही हतः हटाया, मेरे हाथ पर किसी ने गीला हाथ रखा अपना,और झट से हट...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

"अच्छा था! हाँ, होगा अच्छा! लेकिन तुम कौन हो?" पूछा मैंने,"अच्छा........अच्छा था तजिंदर..." आई फिर से आवाज़,और कोई मेरा कॉलर छोड़, जा छिटका पीछे!"सुनो? ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१४ शिमला राज-मार्ग की एक घटना!

"राजेश जी! बहुत भटक लिए! बहुत!" कहा मैंने,"मैं नहीं समझा पा रहा हूँ, कुछ भी?" बोला वो, परेशान सा हो कर,उसी परेशानी देख कर, दोस्तों, सच कहता हूँ, अच्छे...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

आवाज़ रुकी और हम पलटे! अब हम चौकस थे! पल भर में ही न जाने क्या हो! कब कोई हमला ही कर दे! उस जगह पर जहां पानी पड़ा था, पानी में छप-छप सी हुई! कुछ पलों तक...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१४ शिमला राज-मार्ग की एक घटना!

तो उन्होंने ने बात कर ली थी, बालक भी था वहां और एक औरत, पेट से भी थी, इसका मतलब, वहां काम नहीं हो सकता था! अब यहां ऐसी कौन सी जगह ढूंढी जाये जहां से क...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

"ये साले, चीथड़े-गुदड़ी कहाँ से आ गयीं?" बोले वो,"कहीं किसी ने फेंकी तो नहीं? मतलब कोई अलाव आदि तो नहीं?" पूछा मैंने,"इस बीहड़ में, जंगल में, भला कौन जला...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

वहां कुछ नहीं था! इस बार भी लगता था कि जैसे कोई जानवर ही रहा होगा! वो तेजी से भाग कर, सड़क पार गया होगा! भय से भूत बन जाता हे और कई बार झाड़ियाँ, पेड़, प...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१४ शिमला राज-मार्ग की एक घटना!

अब हम सड़क तक आ गये थे, हमारी गाड़ी की पार्किंग-लाइट नज़र आने लगी थी, वे दोनों ही, बेसब्री से हमारा ही इंतज़ार कर रहे होंगे, ये तो मैं जानता था, इसीलिए, ह...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

"क्या कहीं?" पूछा मैंने,"कोई इन पत्थरों के पीछे तो नहीं था?" बोले वो,"अरे हाँ, आओ, देखें!" कहा मैंने,तो हम, उन पत्थरों से रास्ता बनाते हुए चले ज़रा पीछ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१४ शिमला राज-मार्ग की एक घटना!

"हाँ? क्यों नहीं आये? वहीँ तो जाना है?" बोला अखिलेश,मैं मुस्कुराया! हालांकि, मुझे मुस्कुराना नहीं चाहिए थे, लेकिन मैं मुस्कुरा पड़ा, शायद ये मुस्कुराहट...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

अभी हम पीछे देख ही रहे थे, कि गाड़ी के दोनों तरफ के दरवाज़े खुले और वे सभी दौड़ के हमारे पास चले आये! हम भी चौंके!"क्या हुआ?'' पूछा मैंने,"वो, वहाँ!" बोल...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

गाड़ी का बज़र दो बार बजा था, निश्चित ही था कि कोई न कोई टकराया तो था ही उस से! जानवर होता, तो एक बार टकरा कर, दुबारा नहीं टकराता! शायद डर जाता! या हो भी...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

बिंदर साहब ने अभी रौशनियों की बात कही थी! ऐसा अक्सर सुनने में भी आता है, कि अमुक जगह पर रोशनियाँ देखी गयीं! देखी जाती हैं! आदि आदि! रौशनियों की दरअसल ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१४ शिमला राज-मार्ग की एक घटना!

उसे जैसे समझ में नहीं आ रहा था, कि मैंने पूछा क्या है उस से! न उसने अपनी सोच पर ही ज़ोर डाला, जैसे हम डाला करते हैं! बस, हमें ही देखता जा रहा था! जैसे,...

2 years ago
Page 493 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top