श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: May 5, 2026
Topics: 245 / Replies: 9254
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

वो आगे आगे, दौड़ता सा चला गया और मैं उसके पीछे! वो एक जगह जा खड़ा हुआ और रस्सी खोलने लगा, मैं पहुंचा वहा तक! और जैसे ही देखा, मेरे तो होश ही फ़ाख्ता हो ग...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१४ जिला मथुरा की एक घटना!

"बेगू बाबा से कब हो सकती है मुलाक़ात?" पूछा मैंने,"हाल ही लो, पतौ करवाऊं?" बोला रहीम,"हाँ, करवाओ!" बोला मै,"आयौ भाल ही!" बोला वो,वो था और चला पड़ा, बेगू...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

तो मैं काफी देर तक, यूँ ही खड़े खड़े, पुकारता रहा कि कोई तो आये, लेकिन आया कोई नहीं! ये प्रेत इतनी शीघ्रता से यक़ीन नहीं किया करते! आपको देखते रहेंगे, आप...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१४ जिला मथुरा की एक घटना!

खीरा और ककड़ी, काटे जा रहे थे, साथ में, शहर से लायी हुई मदिरा भी थी, रहीम, काटे जा रहा था खीरा और ककड़ी, जामुन, हम खाए जा रहे थे, ताज़ा जामुन थीं, बड़ी मी...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

तो इसका अर्थ था कि ये स्वीटी और उसका भाई, रहने वाले थे यमुना नगर के आसपास के, या फिर यहीं के ही, ये अवनीश नाम तो था मेरे पास, और एक पता भी, लेकिन अभी ...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

कितना ही, क्या कहूँ? मुश्किल? नामुमकिन या कठिन, कितना कठिन होता है न, किसी की व्यथा को देख कर, सामान्य बने रहना? है न? बस, यही था उस वक़्त! मैंने उसके ...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

"स्वीटी?" बोला मैं,"हाँ?" बोली वो,"क्या कोई और भी आता है मिलने?'' पूछा मैंने,"मैं नहीं बता सकती" बोली वो,"तुम, बेटा, यही रहती हो? इसी कमरे में?'' पूछा...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

"जानना है बेटा!" कहा मैंने,"वो क्यों?" पूछा उसने,"अच्छा लगेगा मुझे!" कहा मैंने,"क्यों?" पूछा उसने,मुझे उसके इस सवाल पर, इस लहजे पर, हंसी आ गयी! वो भी ...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

मैं उनके पीछे पीछे गया! और वे, तभी रुके, होंठो पर ऊँगली रखे! मैं भी पहुंच गया उन तक! अब मुझे भी सुनाई देने लगा था कुछ! ये खुसर-फुसर थी, किन्हीं दो लोग...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

हम रुक गए थे उधर! अब दिन का समय था और नज़र आ रहा था कुछ साफ़ भी! हाँ, धूप नहीं निकली थी, लेकिन चमक ज़रुरु थी, बारिश भी नहीं थी तो आकाश भी साफ़ ही था! कोहर...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

और गाड़ी, आ रुकी उस पुलिया पर!"हाँ जी, बिंदर जी? आओ?" बोले शर्मा जी,"ना जी! आप देखो!" बोले वो,"आओ यार!" कहा मैंने,"हाँ, चलो!" बोले शर्मा जी,और हम, जा उ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१४ शिमला राज-मार्ग की एक घटना!

"लेकिन क्या?" दुबारा से पूछा शर्मा जी ने,"राजेश की मौत, तभी नहीं हुई थी! उसमे प्राण बाकी थे!" कहा मैंने,"क्या?'' पूछा उन्होंने, हैरत से,"हाँ! तत्क्षण ...

2 years ago
Reply
RE: अँधेरे की कैदी, नुपुर! वर्ष २०१३, पुरानी हवेली, नाभा, पंजाब की एक घटना!

तो, अगले दिन ग्यारह बजे, हम सभी तैयार हो गए थे! बिंदर साहब ने आज 'बाबा जी का ताबीज़' पहन लिया था अपने गले में! ये अच्छा था, कम से कम रक्षा तो होती ही उ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१४ शिमला राज-मार्ग की एक घटना!

मैं खड़ा हो गया था, मुझे अब सब मालूम पड़ गया था कि उनके साथ उस रात क्या बीती थी! इसको कुल ग्यारह वर्ष, इस वर्ष, हो चुके हैं, न राजेश ज़िद ही करता और न ये...

2 years ago
Page 492 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top