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“और कुछ?” मैंने पूछा, “गुरु जी, शुरू शुरू में हमने एक पनिया-ओझा बुलवाया था, उसने पानी का पता तो बता दिया लेकिन ये भी कहा कि यहाँ बहुत कुछ गड़बड़ है और...
“अब वही बात मै कह रहा था, कि जब से मैंने यहाँ वो ज़मीन ली है तबसे सबकुछ जैसे गड्ढे में चला गया है” वे बोले, “अच्छा, और उस से पहले?” मैंने पूछा, “सब...
“गुरु जी, बात उस से भी आगे है, मैंने क़य्यूम भाई को पूरी बात नहीं बतायी, मैंने सोचा की जब आप यहाँ आयेंगे तो आपको स्वयं ही बताऊंगा” वे बोले, “बताइये?”...
जिस समय हम वहाँ पहुंचे, रात के पौने दस का समय था, हरि साहब के भी फ़ोन आ गए थे, उनसे बात भी हो गयी थी, तो हम सीधे हरि साहब के पास ही गए, उनके घर पर ही, ...
“और कुछ चाहिए तो बता दीजिये, अभी बहुत वक़्त है” क़य्यूम भाई ने कहा, “अरे इतना ही बहुत है!” शर्मा जी ने कहा, “इतने से क्या होगा, दिन से चले हैं, अब ट...
लड़की अपने घर की हो गयी! बिज्जै और उन दोनों को घर मिला, रश्मि ठीक, दिलीप को जीवन दान मिला! अनिल जी और ज्योति खुश हुए! और हमे मिला आत्मसुख! ...
नहीं, लेकिन ज़िंदा भी नहीं छोड़ेगा, देखते हैं पैसा जीतता है या फिर वो बाबा फक्कड़, मुझे अभी से इस मामले से बाहर रखिये” मैंने साफ़ साफ़ कह दिया! भविष्य की...
हवाइयां उड़ गयीं दिलीप के चेहरे पर! “क्या हुआ साहब? कुछ तो बताओ?” वो बोला, अब तक गाड़ी मुड़ चुकी थी, हम चल पड़े दिल्ली की ओर! “क्या हुआ गुरु जी?” ...
“आप अपना फ़ोन नंबर दे दो मुझे, मैं बिज्जै से बात करूँगा और फिर आपसे बात करूँगा” बाबा ने कहा और रुपये ले लिए! शर्मा जी ने नंबर एक कागज़ पर लिख कर दे दि...
रंजिश का कारण! “लेकिन बाबा आपने दिलीप को छोड़ दिया, और उसकी पत्नी को लपेट दिया, क्यों?” मैंने पूछा, “लपेटा, लेकिन मारा नहीं, इलाज में पैसे खरच करवा...
“आ रहा है”, गर्दन हिला कर बोला वो, वो लेट गया! नशा बहुत किया था उसने! बार बार थूके जा रहा था! हमने इंतज़ार किया, और करीब आधे घंटे में एक लुंगी और...
ये एक देहाती सा क्षेत्र था, आबादी कम सी थी, कुछ झोंपड़ियां पड़ी थीं, सड़क से दूर और छोटी पहाड़ी सी, वहाँ जिस जगह का ज़िकर सूजन ने किया था वो मेरे सामने थी,...
मक्की का दाना सा उछला ताप पाकर! “जी..?” उसने पूछा, “अब रश्मि तो ठीक है, वहाँ कोई नहीं आएगा, लेकिन अब उसका निशाना आप हो!” मैंने कहा, अब घबराया! ...
“हाँ है तो पक्का” मैंने कहा, “तो अब?” उन्होंने पूछा, “अभी कारिंदा रवाना करता हूँ उसका अता-पता लगाने को, देखते हैं कहाँ है ये बाबा फक्कड़” मैंने कहा...
