श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Jul 17, 2026
Topics: 245 / Replies: 9255
Reply
RE: वर्ष २००६ लखनऊ की एक घटना

वो चुप रहा! वो फिर बोलीं मिलवाने के लिए! वो फिर चुप रहा! अब जैसे ही वो उसको पकड़ के उठा रही थीं तभी! तभी उनको किसी ने धक्का मारा! धक्का लगा वो नीचे गि...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००६ लखनऊ की एक घटना

"पिताजी घर में कोई कमी हो तो बता दीजिये, मै पूरी कर दूंगा, लेकिन शादी का जिक्र न कीजिये!" उसने बुझे मन से कहा, "ठीक है जैसी तुम्हारी इच्छा" उन्होंने...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००६ लखनऊ की एक घटना

करते करते व्यवसाय डूब गया, बंद करना पड़ा, अश्वनि कमज़ोर, शून्य में ताकता रहता, मृदुला के संग बिताए क्षणों और यादों के साथ उसने अपना जीवन काटना मुश्किल...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००८ हरिद्वार की एक घटना

मुझे वो औघड़ किशोरी नाथ आज तक याद है! और मै उसको कभी भूल भी नहीं सकता! किशोरी नाथ औघड़ मेरी यादों में आज भी जीवित है! --------------------------...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००८ हरिद्वार की एक घटना

टांग खराब थी उसकी, शायद बाद में किसी दुर्घटना में हो गयी हो, परन्तु अनुचित कार्य को करने वाला औघड़! मैंने उसके मुंह पर अभीमंत्रित जल के छींटे मारी उ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००८ हरिद्वार की एक घटना

वो औघड़ और मै अपने अपने स्थान पर ५-५ फीट दूर गिरे! मेरी अलख के अंगार फैल गए, लेकिन मैंने फिर भी अलख को बुझने नहीं दिया! वो औघड़ भी कमाल का औघड़ था! ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००८ हरिद्वार की एक घटना

उस दिन औघड़ ने ये जांचना शुरू किया की आखिर वो कौन है जिसने उसका मारण-भंजन किया है! उसने अपने खबीस भेजे, मैंने कोई विरोध नहीं किया! मै चाहता ही नहीं था...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००८ हरिद्वार की एक घटना

मेनेजर के तौर पर वहाँ काम-काज देखता था, आयुषी यहीं पर कंप्यूटर डिजाइनिंग का काम करती थी! कुलदीप ऐय्याश आदमी था! किसी भी वहाँ काम करने वाली लड़की को उस...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००८ हरिद्वार की एक घटना

हम अपने आश्रम आ गए, मैंने प्रधान से अस्पताल में फोन करने को कहा और उन लड़कियों के बारे में पूछने को कहा, प्रधान ने फ़ोन किया और उसके चेहरे की खुभी ने ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००८ हरिद्वार की एक घटना

"जी अपने घर पर" वो बोले, "ठीक है, चलने की तैयारी कीजिये, हमको अभी हरिद्वार जाना है, आज अभी, इसी समय" मैंने कहा, वे लोग उठे और हम लोग गाड़ी में बैठ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००८ हरिद्वार की एक घटना

कमरे में घुसते ही मुझे कच्ची हल्दी और झडबेरी के सड़ते बेरों की तीखी गंध आई ये गंध न तो शर्मा जी को आई और न ही प्रधान को, मुझे खटका हुआ की कुछ न कुछ अव...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००८ हरिद्वार की एक घटना

"क्या?" मैंने हैरत से कहा, "हाँ, प्रधान के आंसूं नहीं थम रहे थे गुरु जी" वे बोले, "ओह! ठीक है, शर्मा जी हम आज ही निकलते हैं, कल पहुँच जायेंगे, आप ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००९ बालेश्वर ओडिशा की एक घटना

मेरा अघोर-जय-पुरुष विजयी हुआ! किन्तु मेरे ऊपर ३ शव-कन्यायों का भोग उधार छोड़ गया था, ये मुझे अगले दिनों में दे देनी थीं, अन्यथा मेरा भी वही हश्र होना ...

2 years ago
Page 477 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top