श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१० गढ़-गंगा उत्तर प्रदेश की एक घटना

"रचिता" उसने कहा, "और ये?" मैंने दूसरी की तरफ इशारा करके कहा, "काव्या है ये" उसने बताया, "क्या चाहती हो?" मैंने कहा, मेरा उत्तर सुन दोनों एक द...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ दिल्ली की एक घटना

और फिर सब कुछ बता दिया! विजय ने इस होनी की वजह का कारण स्वयं को माना और फिर विवाह हेतु तैयार हो गया! एक दिन बाद दोनों की गोद भराई रसम पूर्ण हो गयी और ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ दिल्ली की एक घटना

"कुछ नहीं किया मैंने" उसने कहा, तभी मैंने उसके गाल पर एक झन्नाटेदार झापड़ जड़ा! अब वो बोलने लगा! बोला, "मैंने उसको फालिज डलवा दिया" मैंने उसके बाल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ दिल्ली की एक घटना

मैंने उसके चेले को बुलाया और उससे कहा कि हम साथ अन्दर जायेंगे वो बहस करने लगा! तभी शर्मा जी आगे बढे और कस के उसके चेले के गाल पर एक चांटा जड़ दिया! चे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ दिल्ली की एक घटना

"तुम्हारा तो मै वो हाल करूंगा की आज के बाद बोलती बंद हो जायेगी तुम्हारी सब की!" मैंने कहा, और तब मैंने अपने ख़बीसों से कह के उनको लात घूसों से पिटवा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ दिल्ली की एक घटना

हम अगले दिन ११ बजे सुबह उनके घर पहुँच गए अस्मिता अपने कमरे में ही थी, चाय वगैरह आई, हमने चाय पी और मै, शर्मा जी और अस्मिता के पिता अन्दर अस्मिता के कम...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ दिल्ली की एक घटना

असगर ने अमल करना शुरू किया, उसने एक दिन विजय और अस्मिता को वहाँ बुलाया और उनके ऊपर भी अमल कर दिया! अब असगर उनको दो दो दिनों के बाद बुलाने लगा! अमल क...

2 years ago
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RE: वर्ष २००६ लखनऊ की एक घटना

"जी हाँ" उसने कहा, उसने हाथ जोड़े और फिर बोला, "आप मूदुला को आज़ाद कर दीजिये, हम दोनों चले जायेंगे, हमेशा के लिए" मैं ये सुनके अवाक रह गया! आनन्-फ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००६ लखनऊ की एक घटना

वो अब भी रो रही थी, हाथ जोड़े गुहार लगा रही थी! मैंने खबीस से उसको कैद करने के लिए कहा और खबीस ने पकड़ कर उसको धक्का मारते हुए कैद कर लिया! खेल खत्म...

2 years ago
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RE: वर्ष २००६ लखनऊ की एक घटना

"तुझे जीवन भर ऐसे ही तडपाऊंगा कमीन औरत! अब बता जाती है या नहीं??" मैंने कहा, "पहले ये अंगार बंद करो, मै जल रही हूँ, मुझे बचाओ!" उसने चिल्ला के कहा, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००६ लखनऊ की एक घटना

मेरा उत्तर सुन कर वो उठा, धीरे धीरे मेरी तरफ बढ़ा, मै उठा, जैसे ही मेरे पास आया हाथ उठाने मैंने एक झापड़ रसीद किया उसको! वो फर्श पर गिरा! अचानक से उठा...

2 years ago
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RE: वर्ष २००६ लखनऊ की एक घटना

"सुनो तुम लोग जो भी हो, निकल जाओ यहाँ से, नहीं तो जान से मार दूंगा" उसने ऐसा कहा, और खड़ा हो गया, पास में रखा एक चाकू उठा लिया! "बैठ जा आराम से, साल...

2 years ago
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RE: वर्ष २००६ लखनऊ की एक घटना

और हम वहाँ आराम करने हेतु लेट गए, अर्जुन और केवल ने हमे अश्वनि के बारे में और भी बातें बतायीं, कई बातें हदय को छू लेने वाली एवं कई मूर्खतापूर्ण थीं! ...

2 years ago
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