श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: May 5, 2026
Topics: 245 / Replies: 9254
Reply
RE: वर्ष २०११ दिल्ली से सत्तर किलोमीटर दूर की एक घटना

"ऐसे ना बाज आयेगी तू, रुक जा!" अब्दुल ने कहा, अब अब्दुल ने इल्म पढना शुरू किया! और आँखें खोली उसने! सामने आयुषा नहीं थी! अब्दुल उठा और उसको ढूँढने ल...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ दिल्ली से सत्तर किलोमीटर दूर की एक घटना

सूरज की बोलती बंद! "आज के बाद यहाँ कभी आया तो आग लगा दूँगी तेरे घर को!" आयुषा चिल्लाई! सूरज उठा! सारा सामान उठाया और अनमने मन से फ़ौरन बाहर चला गय...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ दिल्ली से सत्तर किलोमीटर दूर की एक घटना

तब सूरज ने माला हाथ से खोली और कटोरे में रख दी, उसके बाद उसने एक फूल लिया और कोई शक्तिशाली मंत्र से अभिमंत्रित कर फेंका उसने आयुषा पर! इस बार आयुषा ने...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ दिल्ली से सत्तर किलोमीटर दूर की एक घटना

आयुषा घर आ कर शांत हो गयी थी, लेकिन अब किसी से भी नहीं बोल रही थी, सभी हार गए थे, वो अपना नाम भी नहीं जानती थी! बस ऐसे हाथ चलाती थी कि जैसे सर पर पल्ल...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ दिल्ली से सत्तर किलोमीटर दूर की एक घटना

जब रवि उनको अपनी गाड़ी से वापिस गाँव ला रहा था तो अचानक से आयुषा ने एक जगह गाड़ी रुकवाई, हाथों से इशारा करके! गाड़ी रोक दी गयी सड़क किनारे! अब आयुषा उ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ दिल्ली से सत्तर किलोमीटर दूर की एक घटना

तभी यहाँ आया शर्मा जी! और आज प्रसन्न हूँ वो ठीक है!" मैंने कहा! "गुरु जी, मुझे आज वही वो वाक्या याद आ गया वारणसी का!" वे बोले, "अरे छोडो शर्मा जी! जो ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ दिल्ली से सत्तर किलोमीटर दूर की एक घटना

थोडा और समय बीता! थोडा मौसम खुला तो कुछ लोग चले वहाँ से अपना अपना बिल दे कर! हम भी खड़े हुए! वो बाबा वहीं बैठा रहा! उसके लिए बरसात अभी भी तेज थी! मैंन...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

बहुत सारे मित्रों ने प्रश्न किया है कि एक बार उस लड़के से पूछ लेना चाहिए था, जैसे कि मैंने तन्वी से पूछा था, मै उसका उत्तर देता हूँ, यदि मै तरुण से पू...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"अफ़िफा, अब वो आदमजात नहीं है यहाँ!" मैंने कहा, कोई जवाब नहीं! "यहाँ केवल तुम हो और मै वो आलिम, ये मेरी जगह है और यहाँ सिर्फ मेरी चलती है" मैंने बत...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

धन्यवाद किया उन्होंने! उनकी पत्नी भी आ गयीं! लगे मेरे पाँव छूने, लेकिन मैंने पाँव हटा लिए, मेरी उम्र उनसे आधी ही होगी! खैर, वे वहाँ से गए, अब मैंने ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"तो क्या मै इसको पकड़ के ले जाऊं?" मैंने कहा, "जी आगे इसकी मर्जी" उसने कहा, "ठीक है, अब जाओ सब लोग जो जाना चाहता है" मैंने कहा, सभी गायब हो गए!...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"एक तजवीज़ है, मानेंगे?" उसने कहा, "क्या?" मैंने पूछा, "मेरा वक़्त मुक़र्रर कर दीजिये इसके साथ" उसने कहा, "नहीं" मैंने जवाब दिया! "माह में चं...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

ये सुनते ही अल्ताफ गायब हो गया! "अफ़िफा, अभी भी वक़्त है" मैंने कहा, "क्या करोगे?" उसने पूछा, "कैद कर लूँगा तुझको" मैंने कहा, "बहुत देखे मैंने!"...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"मै कोई दुश्मन नहीं तुम्हारा" मैंने कहा, "ये दुश्मनी नहीं तो और क्या है?" उसने कहा, "नहीं, ये दुश्मनी नहीं जंग-ए-उसूलात है" मैंने कहा, "नहीं ये ...

2 years ago
Page 461 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top