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भूड़ी चली गयी! आयुषा धड़ाम से गिरी नीचे! मै भी वहीं लेट गया! फिर उठा और अलख-नमन किया! मैंने अंगोछा धारण किया और आयुषा को उठा लिया! उठाकर जहां ...
"ठीक है, मै अर्जी लगा देता हूँ!" मैंने कहा, अब मैंने पांच नीम्बू काटे, मांस का एक बड़ा सा टुकड़ा उठाया और फिर शराब का एक गिलास तैयार किया! और मंत्रो...
"अब छोड़ दे मुझे" उसने कहा और चाल खेली! "भूड़ी कभी नहीं मानने वाली!" मैंने कहा, "मैं मान गयी" उसने कहा, "इसको छोड़ फिर?" मैंने कहा, "ये? ये तो...
अब मुझे कुछ करना ही था! अतः मैंने ज्वाल-मालिनी की सह-सहोदरी अभिष्टा का आह्वान किया! ये करते देख वो चुप हुई! अब वो टोक भी नहीं सकती थी! अभिष्टा सहोदरी ...
"नहीं" मैंने कहा, मै वचन नहीं दे सकता था! अन्यथा मुझे किसी अन्य किसी साध्वी का सहारा लेना पड़ता! "गुस्सा ना दिला!" उसने अब सर उठा कर अपना मुंह मेर...
"तू तो मरघटवासी है, नहीं जानता?" उसने कहा, "नहीं जानता" मैंने कहा, उसने तब थूका मेरे मुंह पर! मैंने अपने रुमाल से साफ़ किया चेहरा! "या तो मर जा ...
रखा है! गाली-गलौज, तोड़-फोड़ मचा रखी है, संभव नहीं लगता उसको लाना वहाँ! परन्तु फिर भी कोशिश कर लेंगे! शाम तक ये स्थिति चलती रही और फिर रामपाल का फ़ो...
"ओह!" उनके मुंह से निकला! "लेकिन आयुषा से कोई गलती भी हो सकती है" मैंने कहा, "जैसे?" उन्होंने पूछा, "उसके स्थान पर मूत्र-त्याग अथवा थूक फेंकना, ...
था! उसने मूत्र-त्याग किया और अपने घुटनों पर लगे मूत्र को अपने हाथों से साफ़ किया! फिर हाथ अपनी छातियों से पोंछ लिए और दीवार के साथ जाकर बैठ गयी! अब उस...
आई और मेरे सामने बैठ गयी! उसके बाल अभी भी उसके चेहरे पर थे लेकिन मै अब उसकी दायीं आँख देख सकता था, आँखें दहकती हुई लाल हो गयी थीं! उसने अब अपने बाल हट...
"इसे क्यूँ तंग कर रही है?" मैंने पूछा, "मेरी मर्जी" उसने कहा, "बहत हो गयी तेरी मर्जी" मैंने कहा, "इसे तो साथ ले कर जाउंगी मै" उसने कहा, "क्यों...
"ऐसे नहीं कुतिया! खेल दिखा मुझे पहले!" मैंने कहा, उसने मुंह नीचे किया और मुझे काटने के लिए मुंह आगे बढाया! अब शर्मा जी उठे! "शर्मा जी, इसके मुंह...
शान्ति छाई हुई थी! मैंने दरवाज़ा खोला, और अन्दर झाँका! अन्दर आयुषा अपनी गर्दन में चुन्नी लपेटे हुए तेज तेज पाँव हिला रही थी! उसने अपने कपडे जगह जगह से...
अब्दुल ने हाथ जोड़ कर कहा, "माफ़ कर दो मुझे" आयुषा फिर से हंसी! अब आयुषा झुकी और अब्दुल को उसकी गर्दन से पकड़ कर मारा दीवार पर फेंक कर! 'आह' की आव...
