श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"क्या गलत?" मैंने पूछा, "मुझे अलग कर रहे हो उस से" उसने इशारा करके कहा, "तुम्हे ये गलत लगता है?" मैंने पूछा, "गलत तो है ही" उसने कहा, "नहीं, य...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"ठीक है तो, फिर देख!" मैंने चुटकी मार के कहा! अब मैंने शमशान-आरूढा का आह्वान किया! अल्ताफ मुंह बाएं देखता रहा! मैंने हाथों को आह्वान-मुद्रा में नचाय...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"ज़मीन दे दूंगा, दौलत बख्श दूंगा इसके बदले" उसने कहा, "बेमायनी बातें ना करो, अफ़िफा को बुलाओ" मैंने कहा, "मैं बेमायनी बातें नहीं कर रहा, तुम इंसान...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"बस!" उसने कहा और इल्म पढना शुरू किया! और फिर मेरी तरफ हाथ करके ज़ोर ज़ोर से फूंक मारनी शुरू की! उसके फूंक मारने से मेरे नेत्रों की रौशनी मद्धम पड़ने ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"देखो अफ़िफा, मैंने शराफत से अभी तक तुम सबको समझाया है, अगर मैंने ज़बरदस्ती की तो एक भी बचेगा नहीं तुम में से, सभी पकडे जाओगे" मैंने धमकाते हुए कहा! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"ये तो अफ़िफा ही जाने" उन्होंने कहा, "तो भेजो उसको यहाँ?" मैंने कहा, "हमे नहीं पता" उन्होंने कहा, "तो दफा हो जाओ यहाँ से" मैंने कहा, वे दोनों ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"क्यूँ?" मैंने पूछा, "मुझे बताया, उसको खतरा है" उसने कहा, "कैसा खतरा?" मैंने पूछा, "कैद होने का" उसने कहा, "तू है कौन उसका?" मैंने सवाल किया, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"कौन हो तुम?" मैंने फिर से सवाल किया! "मेरे सवाल का जवाब दे पहले?" उसने कहा, "हाँ! मैं ही हूँ वो!" मैंने कहा, "तेरी इतनी हिम्मत?" वो गुर्राया! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

अभी भी उसने अपना नाम नहीं बताया था, महज़ जात बता दी थी, जिन्नाती जात! हाँ उसने जो बताया था गुलखल्क ये जिन्नात काफी पुराने और अपने सरदारों के दीवान हुआ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"हाँ! तू मरेगा तो नहीं, ज़िन्दा भी नहीं रहेगा!" उसने अब औरत की आवाज़ में ऐसा कहा! यक़ीनन मैंने उसको बौखला दिया था! "मै देखना चाहता हूँ ऐसा कौन है...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

शर्मा जी ने फ़ौरन ही बाहर खड़े आदित्य को वहाँ से जाने को कह दिया, वे वहाँ से घबरा के धीरे धीरे नीचे उतर गए! मै अब आगे बढ़ा और नीचे पड़े तरुण के पास तक...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"आज ना जाओगे जिंदा तुम दोनों" उसने अपनी उँगली हिला हिला के कहा! और फिर आदित्य भी अन्दर आ गए, मैंने आदित्य को बाहर भेज दिया, और शर्मा जी ने दरवाज़ा बंद...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

"तरुण? दरवाज़ा खोलो बेटे?" आदित्य ने दरवाज़े पर हाथ मारके कहा, लेकिन कोई आवाज़ ना आई फिर से अन्दर से! अब घबराए आदित्य! मैंने उनको देखा, उनके नेत्रों...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

तब शर्मा जी और आदित्य चले गए वहाँ से! जब वे चले गए तो मैंने कलुष-मंत्र जागृत किया, मंत्र जागृत हुआ और मैंने फिर नेत्र खोले! कछ भी असामान्य नहीं दिखा...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ की एक घटना देहरादून

गाड़ी फिर से रुकी, यातायात बहुत था वहाँ, आड़े-तिरछे करके लोग अपनी अपनी गाड़ियां लगाए हुए थे! एक तो सर्दी और ऊपर से ऐसी मुसीबत! खैर, फिर चले, आगे थोडा ...

2 years ago
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