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"समझ गया मै!" वे बोले, "तो कल स्वयं बात कर लीजिये, शंका-समाधान हो जायेगा!" वे बोले "हाँ, सही कहा आपने" मैंने कहा, अब हम अपने कक्ष में पहुंचे! और...
"खेव्तानंद, शामसिंह और गायत्री अवधूत" उसने बताया, "अच्छा! ये अवधूत गायत्री इस केशवानंद का जानकार तो नहीं?" मैंने पूछा, "नहीं, ये ओडिशा से आएगा" उस...
मूर्ति के अंग-प्रत्यंग में काम-भाव सृजित करता है ठीक वैसे ही इनकी दृष्टि रुपी छैनी उसके बदन को तराशने लगी! "देखिये शर्मा जी" मैंने कहा, "कमीने कही...
एक ब्रह्म-तपस्विनी का भला क्या काम? मुझे समझ नहीं आया, मैंने रुद्रनाथ से पूछा, तो उसने बताया कि वो अवधूत केशवानंद की पुत्री है शोभना, ये केशवानंद हरिद...
"मान गया आपको!" उन्होंने कहा, "ये कटम्ब नाथ और धर्मा, इनका वक़्त आ पहुंचा है शर्मा जी!" मैंने कहा, "दिख रहा है!" वे बोले! उसके बाद हमने छक के मद...
"कर लिया" मैंने जवाब दिया, "आप को सूचना देना मैंने उचित समझा" उसने बताया, "धन्यवाद" मैंने कहा, अब तक शर्मा जी गिलास तैयार कर चुके थे, बसंत नाथ क...
बाहर आया तो धर्मा वहीं बैठा था, बतिया रहा था किसी चेले से, मैंने वहाँ से अब चलना ही बेहतर समझा! वापिस हम अपने कक्ष में आ गए, भोजन तैयार था, भोजन किया ...
"वाह! इसे कहते है प्रबल औघड़! वाह! हिला के रख दिए साले मात्र वाणी से!" शर्मा जी ने कहा! "इनके लिए वाणी ही बहुत है शर्मा जी!" मैंने कहा, और बातें क...
अब वो घबरा गयी! वहां से सामान बटोरने लगी! आशा पहले ही चली गयी थी! और तभी वहां कटम्ब नाथ आ गया अपने दो साथियों के साथ! भंडी दौड़ी और कटम्ब नाथ को शुरू ...
"अच्छा, कितने साल हुए?" मैंने पूछा, "चार साल" उसने कहा, "एक बात बता, कटम्ब नाथ को जानती है?" मैंने पूछा, "हाँ" उसने कहा, "हम्म! उसी के और हमार...
"गुरु जी, शहर में और यहाँ कितना अंतर होता है!" शर्मा जी ने कहा, "वो तो है ही शर्मा जी" मैंने कहा, "यहाँ देखिये, ये है प्राकृतिक सौन्दर्य और शहरों ...
"असम वाले?" मैंने पूछा, "हाँ" उसने कहा, "धर्मा के हिमायती बनके आये हो?" मैंने पूछा, "नहीं तुमको समझाने आया हूँ" उसने कहा, मैंने उसको देखा, और ...
उसके बाद शर्मा जी ने निकाली एक बोतल! गिलास उठाये, साफ़ किये और ठंडा पानी ले आये बाहर से! साथ में 'प्रसाद' भी था! ताजा पका प्रसाद! ये पहाड़ी खरगोश था! ...
"हाँ! मिल आया" मैंने कहा, "इधर आ, मजमा जमा है!" उसने कहा, "और तू कर भी क्या सकता है!" मैंने कहा, "आज की रात कोई गड़बड़ नहीं!" उसने हाथ हिला कर म...
