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"शर्मा जी, बड़ी खूबसूरत जगह है, वाह!" मैंने कहा, "हाँ, बेहद खूबसूरत!" वे बोले, वहाँ दो पिल्ले खेल रहे थे! बड़े प्यारे थे! एक दूसरे से मस्ती करते ह...
"हाँ! भुवन नाथ को पता है मेरे बारे में!" मैंने बताया, "कैसे?" उन्होंने पूछा, "खचेडू नाथ था उसका गुरु और खचेडू नाथ मुझे और मेरे बारे में अच्छी तरह ...
अब मैंने और शर्मा जी ने हाथ-मुंह धोये और अपने अपने बिस्तर संभाल लिए! रुद्रनाथ बाहर गया और ठंडा पानी ले आया, फिर गया और एक बोतल और पहाड़ी मुर्गा ले कर ...
"हाँ" मैंने उत्तर दिया! "अब पता चल जाएगा उनको कि क्या और कितनी औक़ात है उनकी!" वे बोले, "हाँ, ऐसी मार लगवाऊंगा के चार पीढ़ी तक किस्से-कहानियाँ बन ...
करीब डेढ़ घंटे के बाद कमरे में अन्धकार छा गया! बस अलख की लपटें उठती दिखाई दे रही थीं! कमरे में हँसने और रोने के स्वर आने लगे! यमाक्षी-साधन अपने चरम पर...
दो घंटे बीते! हवा में अग्नि के अंगार नज़र आये! भीष्ण-चक्रेश्वरी प्रकट हो गयी! मैंने नमन किया और उसके दर्शन मात्र से मेरा एवंग-साधन सम्पूर्ण हो गया! मै...
"आप भी चले जाइये स्नान करने?" मैंने शर्मा जी से कहा, "हाँ, वहीं जा रहा हूँ" वे बोले, वे चले गए! मेरा हाथ फिर से उस शंख-माला पर गया! हलकी सी मुस्...
"क्या बात है, नींद नहीं आ रही?" शर्मा जी पलट कर बोले! "हाँ!" मैंने उत्तर दिया! "लेट जाइये, आ जाएगी" वो बोले, "लेटे लेटे भी नींद नहीं आ रही!" मैं...
मेरा फ़ोन घनघनाया! गाड़ी आ चुकी थी! "चलता हूँ शोभना! नवमी को मुलाकात होगी अब तुमसे!" मैंने कहा! वो उठी मै भी उठा! उसने मेरा माथा चूमा और मैंने उसक...
ठीक है, गाड़ी आते ही सूचित करना मुझे" मैंने रुद्रनाथ से कहा, "जी, मै आ जाऊँगा" उसने कहा और वापिस चला गया! अब मै उठा! शोभना से विदाई लेने का समय आ ...
"मानना पड़ेगा गुरु जी, ये रुद्रनाथ बेहद शरीफ़ और ख़ालिस आदमी है!" शर्मा जी बोले! "बिलकुल है शर्मा जी" मैंने कहा, इतने में रुद्रनाथ फल ले आया! लग ग...
"कोलकाता?" मैंने पूछा, "हाँ" उसने कहा, "तो हमारे साथ ही चलो?" मैंने कहा, "कुछ और सहायिकाएं भी हैं, वे भी जाएँगी मेरे साथ" उसने कहा, अब मैंने ज...
"लेकिन मेरे पास है सब कुछ!" मैंने कहा! मेरा ये वाक्य उस वार्तालाप के विषय से दूर और उसको अटपटा सा लगा तो उसने प्रश्न किया! "मै समझी नहीं" उसने कहा...
"क्या काम?" मैंने पूछा, "कुछ वित्तीय कार्य था" उसने कहा, "अच्छा, मुझे क्यूँ नहीं बताया? मै भी चलता, कल से लेकर अभी तक व्याकुल हूँ मै!" मैंने कहा, ...
"इन कुत्तों के लिए यही सजा होनी चाहिए!" वे बोले! "आप देखना शर्मा जी!" मैंने कहा, "मै जानता हूँ" वे बोले! अब हम उठे वहाँ से! चले वापिस अपने कक्ष ...
