Last seen: May 5, 2026
अब मै उठा, शर्मा जी भी उठे, हम और थोडा आगे गए, सामने एक छोटा सा तालाब था, वहाँ कुछ बालक खेल रहे थे, कुछ इकठ्ठा कर रहे थे, शायद चारा आदि, अब हम वहाँ से...
उस रात दिन साहम तलक हम खाते-पीते रहे, कुल मिलाकर योजनायें बनाते रहे, ऐसे किया जाये या फिर वैसे किया जाए, आखिर में निर्णय यही निकला कि बाबा बुमरा को चु...
"ठीक है" मैंने कहा और अब फ़ोन कौलव नाथ को पकड़ा दिया, "मान जाओ" उसने कहा, "मै असमर्थ हूँ' उसने कहा, "तो कोई बात नहीं, आज अलख पर बैठना, आग्नेय को...
"उसके दादा का नाम सुना है मैंने, रामपुर के पास" वो बोला, "हाँ, वही, उनके ही पोते हैं वो" वो बोला, "कुछ भी हो, हम भी खेले खाए आदमी हैं" वो बोला, ...
"हाँ, स्वयं भी शाकाहारी है" उसने कहा, "अच्छा!" मैंने कहा, "तो मैंने सोचा वे भी भूखे होंगे, जो खाना चाहेंगे वो तैयार हो जाएगा, बुजुर्ग हैं दोनों ही...
"ये कुत्ते की दुम हैं सारे, इतनी आसानी से बज नहीं आने वाले!" मैंने कहा, "ये तो है ही" वो बोला, "अब मैं बुमरा का वो हाल करूँगा कि जिंदगी भर अपनी एड...
"बताया था, लेकिन हम चाहते हैं कि आप एक बार उन महिलाओं से हमारी बात करवा दें, ताकि हमारी चिंता खतम हो" अब मैंने कहा, "आप कौन?" उसने पूछा, "मै दिल्ल...
जी से कौलव नाथ को फ़ोन लगाने के लिए कहा, फ़ोन मिल गया, नमस्कार आदि हुई, अब कौलव नाथ गुस्सा हुआ कि उसको हमने दिल्ली से चलने से पहले खबर क्यों नहीं की? ...
"वो सीधे मुंह बात ही नहीं कर रहा था, जब हमने कहा तो बोला, जहां से आये हो वहीं चले जाओ, नहीं तो छप्पन के खेल में डाल दूंगा!" वो बोला, "छप्पन का खेल?"...
उठे हम, नित्य-कर्मों से फारिग हुए, स्नानादि किया और फिर सहायक चाय ले आया, चाय पी, और फिर शर्मा जी ने विदा ली, गाड़ी आज की ही थी सो उन्होंने सही समय पर...
"नेपाल की?" मैंने पूछा, "हाँ" वे बोले, "क्या सोच रहे हो?" मैंने पूछा, "यही कि कैसा कैसा होता है इस संसार में!" वे बोले, "अच्छा!" मैंने कहा, और...
"गुरु जी, मनसुख भी बेचार सत्तर बरस का है और ये महंत भी, और आपके ऊपर विश्वास करते हैं, वो भी विभिन्न मार्गी होकर, अब आप सोचिये" वे बोले, "सही कहा, मै...
फिर तीसरे दिन दिन में कोई दो बजे फ़ोन आया महंत का, शर्मा जी ने फ़ोन मुझे पकड़ा दिया, मैंने फ़ोन लिया और नमस्कार आदि हुई, मैंने पूछा, "क्या हुआ?" "कह...
"वैसे ये बुमरा है कौन?" उन्होंने पूछा, "पशुपति नाथ में ऐसे बहुत औघड़ हैं, होगा उन्ही में से कोई" मैंने कहा, "हम्म" वे बोले, "तो उसको दिखाई नहीं ...
"गिड़गिड़ा रहा था" वे बोले, "क्यों?" मैंने पूछा, "वही, उन महिलाओं के बारे में" वे बोले, "अब उसको पता बता तो दिया?" मैंने कहा, "तभी तो कह रहा थ...
