श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"हाँ!" मैंने कहा, "तो गुरु जी, इसका मतलब ये मनसुख अवश्य ही जानता होगा इन दोनों को" वे बोले, "हो सकता है" मैंने कहा, "कल आप महंत से बात कीजिये, उ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"हो सकता है" मैंने कहा, "चलिए आज रात पता चल जाएगा कि कहानी है क्या" वे बोले, "हाँ, मै भी इसी की प्रतीक्षा कर रहा हूँ" मैंने कहा, फिर मित्रगण, हम...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"ठीक है, अब हम चलेंगे, कोई विशेष खबर, या कोई भी जानकारी आये तो इत्तिला कीजियेगा" मैंने कहा, "अवश्य करूँगा" वे बोले, "ठीक है, अब हम प्रस्थान करते ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"हो सकता है कोई और हों?" मैंने कहा, "हो सकता है, लेकिन मनसुख ने किसी को भेजा है जानकारी जुटाने के लिए फैज़ाबाद" वे बोले, "ठीक है, जो भी जानकारी आय...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"अब तो पक्का कोई साजिश है!" वे बोले, "हाँ, तभी मैंने भी ऐसा कहा" मैंने कहा, "आपने सही सोचा!" वे बोले, वे उठे और अपना बैग खोला, उसमे से बोतल निका...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"हाँ, है तो" मैंने कहा, "वो जा कहाँ सकती हैं?" उन्होंने पूछा, "पता नहीं फिलहाल तो" मैंने कहा, "कमाल है! कहाँ गयीं? अगर जाना था तो खबर ही कर देती...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"नहीं, वापिस नहीं गयीं वो" वे बोले, "आपको कैसे पता?" मैंने पूछा, "मनसुख ने फ़ोन किया था उनके देश में, उनके घर" वे बोले, "फिर?" मैंने पूछा, "उन...

2 years ago
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RE: वर्ष २००८ भिवानी हरियाणा की एक घटना

"उठो साधक!" ब्रह्मराक्षस ने मुझसे कहा! मै फ़ौरन उठ खड़ा हुआ! "तुम्हारे विचारों और कर्तव्य-पालन से मै बहुत प्रसन्न हूँ! तुमने उन मनुष्यों के लिए अप...

2 years ago
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RE: वर्ष २००८ भिवानी हरियाणा की एक घटना

अर्थ, अब सामने आदि और अंत वाले 'अनंत' ही क्यों न हों! मानव-मूल्यों का पालन अनिवार्य है! भाषाएँ पृथक हो सकती हैं, विचार पृथक हो सकते हैं परन्तु मानव-मू...

2 years ago
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RE: वर्ष २००८ भिवानी हरियाणा की एक घटना

"जानता हूँ!" उसने कहा, फिर कुछ पल शान्ति हुई! "विचार किया तुमने साधक?" उनसे अब विनम्रता से पूछा, मेरी हिम्मत बढ़ी! "कैसा विचार?" मैंने पूछा, "...

2 years ago
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RE: वर्ष २००८ भिवानी हरियाणा की एक घटना

अब फिर से कुठाराघात हुआ मुझ पर! नैय्या किनारे से तो सही चलती थी, परन्तु मंझधार में आके भंवर में फंस जाती थी! अब भी ऐसा ही हुआ था! "ये यहाँ नहीं रह स...

2 years ago
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RE: वर्ष २००८ भिवानी हरियाणा की एक घटना

"नहीं" मैंने फिर से ना कहा! "तेरी वंशबेल के अंतिम छोर तक ये अक्षय ही रहेगा!" वो बोला, "मुझे आवश्यकता नहीं!" उसने कहा, "मानव तो धन का लोलुप होता ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००८ भिवानी हरियाणा की एक घटना

से कामरूपी लावा फफक फफक कर बाहर आ रहा था! और मै! मै जैसे उस ज्वालामुखी के ताप से निरंतर शुष्क हुए जा रहा था! वो मुस्कुरा रही थीं! "ले! ले साधक रख ले...

2 years ago
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RE: वर्ष २००८ भिवानी हरियाणा की एक घटना

बाएं फाल से टकराया और गर्राते हुए लोप हो गया! ये देख ब्रह्मराक्षस पीछे हटा, उसके पीछे हटते ही साध्वी चिपक गयी उस से! ब्रह्मराक्षस थोडा हैरान तो हुआ ...

2 years ago
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