श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

और अब जैसे पर्दा उठा और खेल आरम्भ हुआ! वहाँ प्रकट हुए दो गण-सेवक! शरीर पर चर्म धारण किये हुए! हाथों में अस्थियों से बने शस्त्र लिए हुए! लम्बे बिखरे के...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

मुस्लिम भारत के दोआब क्षेत्र में भी हैं), उरुवेशा, तौविल, किरीट, तवक, अमूहपाश, व्याघ्रांत आदि आदि! बाबा बुमरा त्वंड-मुद्रा (तंत्र में एक विशिष्ट मुद...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

मैंने अब चिता से एक जलती हुई लकड़ी निकाली और उस से भूमि पर एक वृत्त खींचा! फिर लकड़ी चिता पर वापिस रख दी! और मंत्र पढ़ते ही मै वृत्त में जा खड़ा हुआ! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

हैं शक्तियों का मद! बुमरा शक्तियों के मद में चूर था! वो दमाक्षी को प्रकट करना चाहता था और मै यहाँ भौमाक्षी को! मैंने अब घोर आह्वान किया, प्रकाश पुंज उ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

परिक्रमा के बाद मै वापिस अपने आसन पर बैठा और वाचाल को हुक्म सुनाया कि वृत्तांत बताये शत्रु-पक्ष का! अब वहाँ का वृत्तांत आरम्भ हुआ! वहाँ एक चिता के स...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"महंत साहब! ऐसा न कीजिये! मेरी हिम्मत बढ़ाइए!" मैंने उनके कंधे पर हाथ रख कर कहा! अब मनसुख और महंत ने मेरे सर पर हाथ रखे और बोले, "धन्य है वो गुरु जि...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"और यहाँ सारा सामान ताज़ा भी तो है, शहरों की तरह नहीं!" वे एक गस्सा खाते हुए बोले, "बिलकुल सही कहा आपने" मैंने कहा, हमने खाना डट कर खाया, दो बार स...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"नहीं, मुझे आवश्यकता नहीं" मैंने कहा, "जैसी आपकी इच्छा गुरु जी" कौलव नाथ ने कहा, "धन्यवाद फिर भी!" मैंने हँसते हुए कहा, "ठीक है, मै रात आठ बजे आ ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"ये कौलव नाथ मुझे बहुत पसंद आया गुरु जी!" शर्मा जी बोले, "हाँ, आदमी बढ़िया है!" मैंने कहा, "मददगार भी है" वे बोले, "हाँ, ये तो है" मैंने कहा, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"शर्मा जी, मै नौ बजे यहाँ से निकलूंगा आज रात, आप मेरे साथ चल रहे हैं, वहाँ जो कुटिया है, आप वहाँ कौलव नाथ के संग ही रहना" मैंने कहा, "जी, अवश्य" वे ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

हम रात करीब डेढ़ बजे फारिग हुए वहाँ से, रास-रंग की महफ़िल अधिक ही लम्बी हो चली थी, सो अब वहाँ से वापिस चले हम कौलव नाथ के डेरे पर, धूमनाथ से आज्ञा ली ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

सुनाई उसे, उसकी भी त्योरियां चढ़ गयीं! वो मुझे देखता और कभी कौलव नाथ को! अब धूम नाथ ने मुझसे कहा, "ये बाबा बुमरा है तो कमीन आदमी ही, इसको सबक सिखाना ब...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"चलते हैं आज रात ही!" वो बोला, रास-रंग! असम वाला रास-रंग! यानी औघड़ों का मेला! पशुपतिनाथ के औघड़ों में रास-रंग! मस्त-मलंग! "कहाँ है ये डेरा?" मैंन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

जाते जाते मसानभोग क्रिया संपन्न कर दी थी! मसान ने स्वीकार कर लिया था भोग! ये प्रथम चिन्ह था शमशान के शक्तिशाली और निर्भयता का! दो दिन बीते, सप्तमी आ ग...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० नेपाल की एक घटना

"क्या मोहन और चन्दन आये?" उसने पूछा, "नहीं, अभी नहीं" वो बोला, "कमाल है!" कौलव नाथ ने कहा, "क्या कमाल?" उनसे गुस्से से पूछा, "वे दोनों कहाँ चल...

2 years ago
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