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पैदल पैदल जाना पड़ेगा!"अच्छा!" मैंने कहा,"अरे! रुको बाबू जी!" वो बोला,मैं रुक गया!चकित हुआ!"आपको आपके गाँव तक छोड़ूंगा!" उसने कहा,"अरे कोई बात नहीं" मैं...
हैं?ऐसा कैसे?दूसरा वहम?"लेकिन अभी तो नहीं थी?" मैंने पूछा,''तबियत खराब है इसकी, उतर गयी होगी, जंगल फिरने(शौच करने को) को" वो बोला, अब आई बात समझ!मुझसे...
एटा की तरफ की सी लगी,मुझे पूरी तरह समझ नहीं आई वैसे तो,हाँ, इतना समझ आया,कि उसने सुबह के बारे में,कुछ बोला था!तब!डांट दिया उसको सोहन ने,औरत डरके मारे,...
अब बड़े भाई के तो थे ही!मैंने कह दिया हाँ!"तो ये लो!" वो बोला,और उसने मुझे,कुछ बड़ी बड़ी फूट-सेंध,और कुछ कूकड़ी (मक्का, भुट्टा) दे दीं!"लो! बालक खुश हो जा...
बस किसी तरह से,घर पहुंचूं,अपने घर,बस,यही था दिमाग में!तभी वो आदमी आया मेरे पास,उसके पास,होले थे,एक झोले में,मुझे भी दो मुट्ठी दे दिए,होले,कच्चे चने को...
"रे सोहन है क्या?" सोहन ने,बैल को पुचकारा,और रोक दी बैलगाड़ी,तभी खेत से,एक आदमी बाहर आया,बुक्कल मारे हुए था वो!सोहन नीचे उतरा,और उस आदमी से मिला,मेरे ब...
इसमें पानी,घूम कर जाता है,बहते पानी की दिशा में,सामने कंक्रीट से,एक छोटी सी दीवार सी बना दी जाती है,जिस से पानी, वेग से ऊपर चढ़ता है,धक्का लगाता हुआ,और...
बोतल से ही पी ली,बिना मुंह लगाये!"ठाकुर साहब कुछ न बोलेंगे?" मैंने कहा,"ठाकुर साहब ने रास्ते के लिए ही तो दी थी!" हंस के बोला सोहन!मैं भी हंस पड़ा!फिर ...
"ये बोतल रिस रही है" मैंने उसको वो बोतल देते हुए कहा,उसने लगाम छोड़ी,और बोतल पकड़ी,बोरी से साफ़ किया,और रख दी एक तरफ!"शौक़ रखते हो बाबू जी?" सोहन ने पूछा,...
तीन बजने में,दो मिनट थे,रात बहुत गहरी थी!तारे,ऐसे लग रहे थे,कि उछल के पकड़ लो!चाँद, जैसे,नहर में स्नान करने,आ रहे हों नीचे,पल पल में नीचे!चाँद के गड्ढे...
"मिट्टी डालनी पड़ेगी" वो बोला,"चलो फिर" मैंने कहा,उसने बैलगाड़ी से,अपनी बड़ी बाल्टी ली,और रेत भरने लगा किनारे से,और वहाँ डालने लगा,मैंने मदद करने की कही,...
सोचा,वहम होगा,सोया नहीं हूँ न,इसलिए!फिर से आँख लगी,और कुछ देर बाद,बैलगाड़ी रुक गयी,मेरी नींद खुली,सोहन नहीं था बैलगाड़ी में,मैंने आसपास देखा,तो वो सामने...
थोड़ी देर बाद,मुझे खटर-पटर की आवाज़ें आयीं,ये उस बैलगाड़ी के,पहिये की आवाज़ थी,मैंने कोहनी से,हाथ ढक लिया अपना,अभी कोई दस मिनट बीते होंगे,कि लगा,छोटे छोटे...
तभी वो औरत जागी,उसने कुछ कहा सोहन से,और सोहन ने,बैलगाड़ी रोक दी,औरत उतर गयी,और चली गयी,एक झाडी के पीछे,लघु-शंका का मामला था शायद,थोड़ी देर बाद आई,और हम ...
तरस आ गया मुझे उस पर,उम्र उसको कोई,चालीस की ही होगी,उसके हाथ पर,एक जले का निशान था,बड़ा सा,कभी जल गया होगा,बचपन में,यही सोचा मैंने,रास्ता,आहिस्ता,आहिस्...
