Last seen: May 5, 2026
और न, भास्कर साहब को!इसीलिए,मैं और शर्मा जी ही चले अब बाहर,गाँव से बाहर आये,एक पीपल के नीचे,अब मैंने अपना कारिंदा,सुजान, हाज़िर किया!उसे भेजा,वो गया,और...
प्रभात कब आया,पता ही नहीं चला!करीब नौ बजे,मैं सो कर उठा,स्नान आदि से निवृत हुआ,फिर शर्मा जी भी,आज साग बनाया हुआ था घर में,उसके घोटे जाने की,खुशबू आ रह...
"मुश्क़ भी भर दूँ?" शर्मा जी ने पूछा,"जी! मेहरबानी!" वो बोला,अब बाल्टी का सारा पानी,उस मुश्क़ में डाल दिया!उसने,घूंसे मारकर,जांचा,पानी भर गया था!"अब चलू...
"कहाँ चले गए?" पूछा उसने,"पता नहीं! बहुत ढूँढा, शायद रिहाइश बदल ली है उन्होंने" मैंने कहा,"ओह, अब कैसे पता चले?" वो बोला,"जानना चाहते हो खान साहब?" मै...
आज खामोश खड़ा था!बजे दो,हम चौकस थे!मैं नीचे अहाते में आ बैठा था,वो पोटली लिए,शर्मा जी भी,वहीँ आ बैठे थे,ठीक ढाई बजे,दस्तक हुई!और आवाज़ आई,"भाई साहब?" "भ...
लगातार!मुझे दया आई थी खान साहब पर,उनकी इंसानियत पर,इनकी तहज़ीब पर!उनकी फ़र्ज़-अदायगी पर!किसी तरह से,वो दिन भी काटे हमने!और ठीक तीसवें दिन,हम पहुँच गए भास...
साधक की,मृत्यु निश्चित होती है!इसी कारण से,प्रेत-माया से बचने हेतु,पहले कुछ सिद्ध मन्त्रों से,अपने नेत्र,और शरीर सब पोषित करना पड़ता है!यदि आप पोषित हो...
उसे तो ये भी नहीं पता,कि उसकी झोली में है क्या!मित्रगण!किसी तरह से दिन काटे!एक एक,अलफ़ाज़ याद था मुझे उसका!उसकी अदब!तहज़ीब!मिलनसारिता!हँसमुखता!सब याद थी!...
कैसा फ़र्ज़!मुझे तरस आया,कि मैं मुक्त कर दूँ उसे,हमेशा के लिए!अब चैन से रहे वो!चला जाए,आगे रास्ते पर!जहां से,उसको नया पड़ाव मिले!नयी शुरुआत मिले!बस,यही थ...
मौलाना साहब का बेटा,कहाँ ढूंढें उन्हें?दूसरी पुश्त के बाद,नहीं मालूम किया जा सकता!अब तक,जो पता चला था,वही बहुत था,सभी ऊपरवाले को प्यारे हो गए,और रह गय...
लेकिन ईमान का बहुत अमीर था वो!उसके प्रेत ने, जमाल खान की,मौत के बाद भी,उन सभी लोगों को तलाशना शुरू किया था!और ऐसी ही एक तलाश उसे,भास्कर साहब के घर तक ...
सलीम शाह भी न आ सके थे,लेकिन,मौलाना साहब के पास,अबतक इतना प्रबंध तो हो ही चुका था,की बेटी का ब्याह आराम से हो सके!बेटी ब्याह दी गयी,बेटी विदा भी हो गय...
कम से कम बारह वर्ष बाद होता है!ये बारह वर्ष,कहाँ रहता है वो?ये है एक अदृश्य योनि!जिसके बारे में,बहुत कम ज्ञाता है!इसको भूत-योनि भी नहीं कहा जाता,ये एक...
और भोजन भी दिया,हलकारे ने खाया,और सो गया,सुबह वो उठा, स्नान आदि किया,और रात के बचा खाना खाया,पंडित जी से मिला और निकल गया,ये अल-सुबह का वक़्त था!कोई सा...
उन्होंने अपने रिश्तेदारों से,दोस्तों से,सबसे मदद की गुहार की,सभी ने अपने अपने सामर्थ्य से,मदद की,ऐसे ही एक थे उनके जानकार,वे बरेली में थे,मौलाना साहब ...
