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मंजुला ने पानी दिया उन्हें!और झिंझोड़ा उनको!तब जाकर तन्द्रा टूटी उनकी!"आपको कैसे पता था?" पूछा मंजुला ने,कुछ न बोले,चुप ही रहे!फिर से सवाल हुआ उनसे,फिर...
एक एक करके,दो मिनट रह गए,डॉक्टर साहब,मुस्तैद हो गए तभी!आ गए सुशील के पास,सभी को,हाज़िर कर ही लिया था उन्होंने!सभी उनके इस व्यवहार को देखकर,हैरान ही नही...
जूते पहने,गाड़ी स्टार्ट की,और दौड़ चले नर्सिंग-होम की ओर! हकबकाहट में सीधे नर्सिंग-होम पहुंचे,वे सभी कागज़ उनके साथ में थे,अपने बैग में लाये थे रख कर,स...
कोई साढ़े दस बजे!डॉक्टर साहब तो,पसीने में नहा बैठे!हाथ काँप चले,हाथों में जो पसीना आया था,उस से वो कागज़ भी गीले होने लगे!सामने दीवार-घड़ी देखी,सवा नौ बज...
"जी, लेकिन पोस्ट-मोर्टेम वाले नहीं मिल पाये, एक दो रोज़ में, वो भी मिल जाएंगे" बोला नीलेश!"कोई बात नहीं, ये कागज़ मुझे दो" वे बोले,नीलेश ने अब वो झोला,आ...
हालत जस की तस थी,सुधार तो नहीं था वैसे,लेकिन तबीयत बिगड़ी भी नहीं थी उसकी,ये सुधार के ही लक्षण थे!वो दिन काफी तंग रहा उनका,व्यस्त रहे वहुत,फिर हुई शाम,...
वे घर पहुंचे,वही कागज़ निकाले,और पढ़ने बैठ गए,सारी दवाएं वही थीं,और अब चल रही थीं!जिस दवा ने रिएक्शन किया था,उसको बंद करवा दिया गया होगा,अशोक के मामले म...
एक घंटा बीता चुका था,सुशील के पास भागे,रक्तचाप और धड़कन अब,सामान्य हो चली थीं!सुकून की सांस लीं उन्होंने!रिएक्शन करने वाली दवा का असर,अब दूर होता जा रह...
और हर आधे घंटे में जांच होने लगी!डॉक्टर साहब भागे अपने कमरे की तरफ,घर फ़ोन किया,और उनके कमरे में जो कागज़ मेज़ पर रखे थे,वे मंगवा लिए अपने बेटे से अपने न...
सुबह हुई,दिन-चर्या आरम्भ हुई,चाय-नाश्ता किया,फिर भोजन!और दोपहर का खाना लेकर,चले गए अपने नर्सिंग-होम!जब जा रहे थे,तभी डॉक्टर आशा का फोन आया,उन्होंने फ़ो...
लेकिन उस दवा के बारे में,कुछ पता न चला! दिमाग भन्ना उठा उनका!नशा सारा,काफूर हो चला!ये क्या है?अटकलें लगा लीं उन्होंने!दिमाग इधर-उधर भागने लगा!कभी इध...
गाड़ी पार्क की,और चली आयीं सीधे अंदर ही,अपने कागज़ और बैग रखे उन्होंने,और बैठ गयीं,"बाद में कुछ रहा?" पूछा उन्होंने,"नहीं, एक पल के लिए, तभी आँख खोली थी...
और फफक फफक के रो पड़ा,समझ गए डॉक्टर साहब,उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी,अपने दोस्त की मौत से,वो पहले ही आहत था,अब उसके परिवार से,सामना होते देख,नहीं रोक पा...
"इसमें जो दवा दी गयी हैं, उस से तो यही लगता है" वे बोले,"वो गंभीर क़िस्म का था, कोई परेशानी होती भी, तो मुझे ज़रूर ही बताता था, कभी नहीं लगा कि उसको कोई...
जो देखा,तो सन्न रह गए वो!यहां वे ही दवाइयाँ लिखी थीं,जो उन्होंने आज बदली थीं!एकदम वही!जड़ रह गए वो!नज़रें गड़ गयीं उस कागज़ पर! अगला पृष्ठ बदला,यहां और ...
