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स्कूल से आते ही डॉक्टर साहब के यहां आराम करते हैं,खाना खाते हैं,और शाम को,अपनी माँ के संग चले जाते हैं पास में ही अपने मकान में!मेरे तो आंसू निकल पड़े ...
और डॉक्टर साहब को उठा,ले गयी संग नर्सिंग-होम!सुशील के रिश्तेदार,पाँव पकड़ रहे थे उनके,मौत से छीन लिया था डॉक्टर साहब ने उस सुशील को!लेकिन,डॉक्टर साहब,औ...
इतना भाग्यशाली नहीं था कि कोई मेरी ऐसी मदद करता, लेकिन ये सुशील है, मैं इसको नहीं मरने दूंगा! बस, यही वो वजह है, जिसके कारण मैं आपके पास आता रहा, आपसे...
कागज़ बंद कर दिए!आंसू पोंछे उन्होंने,और ताकने लगीं शून्य में!बिलकुल,डॉक्टर साहब की ही तरह!फिर से कागज़ खोले,वो पोस्ट-मोर्टेम की रिपोर्ट देखी,कारण पढ़ा!का...
आँखें बंद कर लीं उन्होंने!अब सारे कागज़,मंजुला ने ले लिए!वे भी पढ़ती गयीं!एक एक कागज़!वो पढ़ती जातीं,और आंसू बहाती जातीं!वे भी उस सदमे में आ गयीं,जिस सदमे...
डॉक्टर साहब,देखते रहे उसको,जब तक कि वो बड़ा दरवाज़ा,बंद नहीं हो गया!अब होश में थे डॉक्टर साहब!आवाज़ दी उन्होंने मंजुला को!मंजुला दौड़ी दौड़ी आई वहां!सारी ब...
डॉक्टर साहब उठ बैठे,बाहर चले,कमरे से बाहर आये,और लपक कर उस आदमी के पास पहुंचे,उस आदमी के हाथ में एक झोला सा था,कपड़े का बना, जैसा अक्सर आजकल दुकानों पर...
और अकेले में किसी से बातें किया करते थे!तो वो कुआँ देख रहे थे!कुआं तो उनके सीने में बना था अब!और देखिये,उसी सोच के कुँए में,वो खुद डूब गए थे!तभी फ़ोन ब...
कभी खड़े होते,कभी बैठ जाते,कभी उचक कर,बाहर देखने लगते!कोई नहीं आया था!और डॉक्टर साहब!वे तो जैसे अब पूरी तरह से, रिक्त हो चले थे अपने आप से! अगले दिन ...
बाहर के दरवाज़े तक जाते,और दोनों तरफ देखते,कि कोई आ रहा है या नहीं?वो नीलेश,वो आ रहा है?दिन में कई बार,और रात में अपना बिस्तर छोड़,कई बार!कोई नहीं आया!प...
वो अनुज साहब को,घर लायीं,वहाँ सभी को निर्देश देकर!घर आये डॉक्टर साहब,और खिड़की खोलकर बैठ गए,बड़बड़ाते रहे,बाहर ही झांकते रहे,नीलेश का नाम बार बार लेते,मं...
जैसे मौत हो गयी थी नीलेश की!धम्म से बैठ गए,सर लटकाये,नीलेश का चेहरा याद आया,वो शांत सा चेहरा,बस बेचैन था,बहुत बेचैन,अपनी मौत का राज जानने को!वो आएगा?आ...
गिरते गिरते बचे,मंजुला के कंधे पर हाथ रखा उन्होंने,सहारे के लिए,फिर से पढ़ा,नीलेश!ये नीलेश ही था!ये कागज़, उसी नीलेश के ही थे!अर्थात,नीलेश ही स्वयं आया ...
धमाका सा हुआ!ज्वालामुखी सा फूटा सीने में डॉक्टर साहब के!और फिर................................................ डॉक्टर साहब को जैसे सांप सूंघा!खड़े हु...
जब दिल का दौरा पड़ा था,उस अशोक को!मंजुला ने पढ़ना शुरू किया,सबकुछ सटीक था!फिर रिएक्शन वाली घटना बतायी,वो कागज़ दिखाए,वे भी देखे मंजुला ने!ये क्या हो रहा ...
