Last seen: May 3, 2026
उसको ढूंढना,उसका पेड़ से कूदना!और एक एक झापड़ खाना!सब याद आ गया,दस के पहाड़े की तरह!कुल मिलकर बात ये तय हुई,कि अब महाजन साहब अपने साले साहब के साथ,बाबा अ...
सुबह हुई!अब हालात कुछ सामान्य ही थे,कोई डरावना सपना होगा,यही समझाया उनके बेटे और बेटी ने!माहौल को हल्का तो करना ही था,सो कर दिया!भय को भगाने के लिए,का...
बहुत पूछा कि क्या हुआ!लेकिन कोई जवाब नहीं!कोई एक शब्द नहीं!आखिर घर की नौकरानी ने,पानी के छींटे मारे श्रीमति जी के मुंह पर,हरक़त हुई और आँखें खुलीं!आँखे...
जैसे किसी ने ओढ़ी हुई हो!और कोई हो उस चादर में,चादर में,बाल लटके हुए थे,जो की,उन श्रीमति के पेट तक आ रहे थे!अब तो हौला उठा!और मारी चीख!चीख ऐसी कि,महाजन...
कोई समझे ना समझे,लेकिन कपिल साहब,ये जानते थे की ये काम उसी औरत का है!जिसने जबड़ा सुजा दिया था उनका,एक ही झापड़ में!मन में भी बैठा था!और घर से निकलने का ...
दाने दिए सरसों के,घर में बिखेरने को!और एक हंडिया दे दी,मिट्टी से भरी!और अपना आशीर्वाद!हंडिया तो नदी में गिरा देनी थी!और दाने घर में हर जगह बिखेर देने ...
अब बोलने वाले कई,करने वाला कोई नहीं!तब जाकर,कपिल साहब के एक बहनोई आये सामने,उन्होंने बताया कि,मथुरा के पास एक गाँव में,बाबा अर्जन रहते हैं!उनके पास जा...
और कपिल साहब!कपिल साहब के तो प्राण उड़कर,आँखों के सामने नाचने लगे!साँसें ऐसे चलने लगी जैसे,कोई भाप का इंजन!पसलियों में जोड़ न होते,तो दिल सामने वाली मेज़...
उन्होंने अलसाये हुए से ही,वो बूँदें साफ़ करने के लिए,हाथ चलाया,लेकिन ये क्या?वो बूँदें तो,जैसे जम गयीं थीं!जैसे मोम ठंडा हो कर जम जाता है!वे चौंक के उठ...
नाक सूजने के कारण,उनका स्वर भी बदल गया था!कोई भी पूछता,वे वही बताते,कोई यक़ीन नहीं करता उनका!बेचारे!गालियों का ये नतीजा! कुछ समय बीता, दो हफ्ते हो गए...
भय के मारे,घास से कांपने लगे थे!फरीदाबाद रुके!भागे अस्पताल!करवाया इलाज!फ़ोन कर ही दिया था घर पर,कुछ रिश्तेदार भी थे,वहाँ फरीदाबाद में,घंटे भर में ही,सभ...
खून बहने लगा!नकसीर छूट गयी उनकी!और वो औरत!पल भर में सड़क पार कर,चली गयी वहीँ!जहां से आई थी!अब ये दोनों!नीम-बेहोश बेचारे!खूनमखान हो गए!कपड़े लत्ते सब खून...
वो वहाँ पहुंचे!कोई नहीं था वहाँ!कहाँ गयी?अभी तो यहीं थी?फिर से दोनों हो गए शुरू गालियां देने में!उन्होंने ऊपर देखा,वो औरत ऊपर बैठी थी!एक पेड़ की डाल पर...
महाजन साहब और कपिल,इनका ज़मीन का व्यवसाय था,उसी सिलसिले में,न्यू-आगरा आये थे वे लोग!अभी कोसी बहुत दूर था उनसे,घर करीब तीन बजे तक ही पहुँचते,यदि रफ़्तार ...
