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गाड़ी के पास पहुंचे,और गाड़ी आगे ले जाने को कहा,और गाड़ी जैसे ही आगे हुई,वो भागी!सीधी गाड़ी के पास!इस से पहले कि मैं कुछ करता,गाड़ी के सामने वाले शीशे को ल...
उसने फिर से इशारा किया उस गाड़ी की तरफ!"माफ़ कर दो उन्हें!" मैंने कहा,उसने गुस्से से देखा मुझे,हाथ उठाकर दिखाया,कि मारूंगी अभी एक झापड़!मित्रगण!मुझे दया ...
"बताओ?" मैंने पूछा,वो खड़ी हुई!और टहलने लगी!लेकिन बोली कुछ नहीं!और तभी सड़क की तरफ इशारा किया उसने,मैंने वहीँ देखा,वहाँ गाड़ी खड़ी थी!जिसमे,कपिल साहब और म...
और सीधा उस पेड़ के पार जा उतरी!हमसे कम से कम दस मीटर आगे! मैं आगे बढ़ा!और वो रुक गयी वहाँ!कद काफी ऊंचा था उसका,मेरे कंधे से ऊपर ही आती वो!और फिर से उछ...
गन्ना अपनी बगल में दबाये हुए!मैं आगे बढ़ा,और आगे!उसने अपना गन्ना मारा फेंक कर मुझे!गन्ना मेरे बाएं से निकल गया!मैं रुक गया!और वो खड़ी हुई!और एकदम सामने ...
कपिल साहब का मुंह खुला था,महाजन साहब ने आँखें फेर ली थीं.कपिल साहब ने बाहर इशारा किया,मैं उतरा, और कलुष-मंत्र पढ़ा!मंत्र जागृत हुआ,अब मैंने अपने और शर्...
और जैसे ही पार किया,वे दोनों ही कांपने लगे भय के मारे!कभी मुझे देखते,कभी बाहर को देखते,मकड़ी के जाल में फंसे कीट के समान,फड़क रहे थे!मैंने उनकी हिम्मत ब...
इसीलिए अधिक कुछ नहीं कहा उनसे,दो गाड़ियां थीं उनके पास,अब हम उसी समय वहाँ के लिए निकल पड़े,कपिल साहब और महाजन साहब,बेचारे काँप रहे थे!टांगें साथ नहीं दे...
कि वो प्रेत इतना आक्रामक क्यों है!इनके पीछे कैसे पड़ा है?हरिद्वार तक कैसे पहुँच गया?और अब, गोविन्द के घर भी पहुंच गया!है तो वो औरत,एक आम प्रेत ही है,ले...
और अब सुनी उनकी बात!गलती उनकी थी!केवल इतनी कि,उन्होंने गालियां दी थीं!बाकी उन्होंने उस औरत को,बचाने के लिए वही कदम उठाया था,जो सही था उस समय!शुक्र था ...
वे कपिल साहब के जानकार थे!नाम है उनका प्रताप सिंह,औद्यौगिक मंत्रालय से सेवानिवृत हैं वो,मेरे जानकार हैं!जब उन्होंने पूछा उनके इस हाल के बारे में तो,उन...
आग बुझा तो ली गयी थी,लेकिन डर की आग और भड़क गयी थी!अब कपिल साहब ने बताया,की वो अस्पताल में हैं!चौंके महाजन साहब!और बता दी सारी कहानी!अब तो काटो तो खून ...
और जो देखा!समझो खून जम गया सभी का!बाबा खून से नहाया हुआ था!कपड़े फटे हुए थे!जले हुए थे!धुंआ उड़ रहा था!उसने पेट पकड़ा हुआ था अपना!जब उसका पेट देखा, तो आं...
की आज तो हर समस्या का अंत हो ही जाना था!सब जाकर सो गए,महाजन साहब भी चले गए!और इधर ज्वाला भगत ने धूपबत्तियाँ जलाईं!अगरबत्तियां जलाईं!फूल-मालाएं सजाईं!ल...
परखा!कुछ लौंग फेंकी वहाँ!और फिर सारी कहानी सुनी!जैसे जैसे सुनता जाए,और गंभीर होता जाए!ये कोई ऐसा वैसा मामला नहीं था!वो प्रेत बहुत ताक़तवर था!जान भी ले ...
