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शर्मा जी आ गए थे,और आते ही लेट गए,बताया उन्होंने कि देह में,आलस भरा है!खुमारी है नींद की,वहाँ मक्खियाँ नहीं सोने दे रहीं!बार बार नाम और पता पूछने,आ जा...
वो तैयार थी!अब भेजा मैंने उसको उसके पिता के पास,आज्ञा लेने,वो चली गयी,इठलाती हुई!मस्त होकर चलती हुई,अपने केश,अपने नितम्बों से हिलाती हुई!मैं देखता ही ...
उसने हाँ कर दी,कि मना नहीं करेंगे वो!फंस गए हम तो!लग गयी लूत पीछे!तो साहब,अब टेक दिए घुटने,टेकने ही पड़े,मैं भी चलूंगी,मैं भी चलूंगी,ये टेप सुन सुन कर,...
मैं कक्ष में ही रहा,अश्रा का फ़ोन बजा,मैंने बुला लिया उसे,ये खुशखबरी मैं देना चाहता था उसे!वो कोई दस मिनट में आ गयी!बैठी,अब मैंने सारी बात बतायी उसको,उ...
इस एहसान के लिए!मित्रगण!भरत सिंह,जिला प्रतापगढ़ के निवासी हैं!वहीँ गाँव है उनका,और वहीँ दूर कहीं जंगल में,इन पिशाचों का भी गाँव है!बस्ती है उनकी!कहाँ,य...
बहुत चौड़े,मेरे दो हाथ लगते,तो एक कुन्दा पूरा होता!मैं तो ताकता ही रह गया उसे!अब मैंने शर्मा जी को दिया वो थाल,उन्होंने पकड़ा,उलट-पलट के देखा उन्होंने,औ...
वो हटाये,और फिर एक और पोटली निकली,और उसमे थाल का आकार दिखाई दिया,अब कपड़ा हटाया उसका,और एक चमचमाता हुआ सोने का थाल दिखाई दिया!मुझे पकड़ा दिया उन्होंने,ब...
"मैं अगले दिन वो थाल वापिस करने गया, वो जो रास्ता फटता था मुख्य रास्ते से, अब नहीं था वहां, बस कीकर और जंगली पेड़ लगे थे वहाँ, मैंने बहुत आगे पीछे देखा...
सोचने पर विवश कर दिया!लेकिन फिर से एक प्रश्न!कि,अब क्यों जाना चाहते हैं ये भरत सिंह?वापिस उनके पास?किसलिए?"लेकिन एक बात बताइये, आप अब क्यों जाना चाहते...
ये,असम्भव,सम्भव कैसे हुआ?सोच ही रहा था कि............. मेरा फ़ोन घनघनाया,ये अश्रा थी,मैंने बात की,और बाद में बात करने को कह दिया,भोली लड़की,फिर से मान...
"अच्छा! फिर?" मैंने पूछा,"फिर जी, मुझे अंदर ले जाया गया! बड़ा आलीशान सा कमरा था वो, जैसे किसी राजा-महाराजा का कक्ष हो! मुझे बिठा दिया गया वहाँ! अब मिठा...
"नहीं! एक पल को भी नहीं! वे मुझसे बातें करते जा रहे थे, हंसी-ठिठोली हो रही थी, रास्ता कटे जा रहा था!" वे बोले,"फिर?" मैंने पूछा,"एक जगह घोड़ा-गाड़ी रुकी...
मैंने नहीं सुना आज तक!पिशाच तो खून-खराबा कर दिया करते हैं!गुड भी छीन लेते,और भरत सिंह गायब भी हो जाता!एक अंश भी नहीं मिलता,कभी भी!ऐसा ही करते हैं ये प...
"बहुत सीधे आदमी हो भी तुम!" बोला एक,मैं हंस पड़ा,"पूरे गाँठ के पक्के हो!" वो बोला,मैं फिर से हंसा,"अब चलता हूँ घर पर बाट देख रहे होंगे घर पर बच्चे" मैं...
"हम, यही रहते हैं कोई पद्रह कोस आगे" एक बोला उनमे से,"किसी गाँव जाओगे?" मैंने पूछा,"हाँ, वापिस ही जाएंगे, रास्ते में तुम मिल गए, तो रुक गए" वो बोला,"म...
