श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

उतार दी सांकल!बस भिड़ा दिया दरवाज़ा!और जा लेटा!अपना खंजर अपनी छाती से खोल,एक तरफ रख दिया,और आँखें बंद कर लीं!मदिरा अधिक चढ़ा रखी थी,तो नींद आ गयी जल्दी ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

शीतल नहीं थी!अगन से भरी थी!पल पल,ये अगन, हवा खा लेती थी,हवा, औरांग की सोच की हवा!इसीलिए सुलग उठती थी!और झुलस उठता था औरांग उस अगन में!वो वहां से भी उठ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

काँपता चला गया वो!खोखला सा हो कर रह गया!और चल पड़ा वहाँ से!सोच में डूबा,अपने गाल पर हाथ रखे,आया बाहर, और एक जगह के लिए चल पड़ा!सोच में खोया हुआ! निकल ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

उसकी कमर भी पकड़ने की कोशिश की,अब तो सिहर गया बेचारा औरांग!हटाने लगा उसको!लेकिन वो ऊषल!मौक़ा नहीं छोड़ना चाहती थी कोई भी!वो उसको,इतना झुलसा देना चाहती थी...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

हाथ आगे किये हुए!हाथ पर रखा गंडा उसने,लेकिन छोड़ा नहीं!ये भी एक चाल थी!हाथ पकड़ा तभी ऊषल ने उसका,और खींचने की कोशिश की उसे,लेकिन औरांग की देह,टस से मस न...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

और उसकी ठुड्डी पर ऊँगली लगा,सर उठाया उसका,सर तो उठा,लेकिन नज़रें नहीं!मुस्कुराई ऊषल!शिकार,फंसने लगा था!इस कामयाबी पर,ख़ुशी छिपाए नहीं छिप रही थी उसकी!"औ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

और ऊषल,इठलाते हुए,मदमाती चाल में चलते हुए,कक्ष से बाहर चली गयी!ऐसे ही खड़ा रहा औरांग!कुछ देर!साँसें अब सामान्य हुईं!बैठ गया!माथे का पसीना पोंछा,अपने गल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

बर्फ बन बैठीं उसकी!यदि ऐसा हुआ,तो कहर टूट पड़ेगा!"बोलो?" पूछा ऊषल ने,घबराया हुआ था!कुछ न कह सका!"बोलो?" पूछा फिर से!नहीं बोला कुछ भी!मुस्कुराई वो!गंडा,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

मचल रहा था औरांग,ऊषल को अपनी भुजाओं में भींचने के लिए!लेकिन!ठहर गया!रुक गया!नहीं!ये सही नहीं!गलत है!नियम के विरुद्ध है!खल्लट मेरा मित्र है!और मित्र के...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

क्यों नहीं कह देती उसे?उसके पीछे क्यों पड़ी है?ऐसी उहापोह!ऐसा पशोपेश!तिनके झड़ने लगे,उसके बदन से!चिरमिराहट मचने लगी थी!और फिर संध्या हुई!और फिर रात!अपने...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

तब!निकला वो गंडा उस ऊषल में!और अपने अंगरखे में खोंस लिया!अब दिल धड़का उसका!एकदम से पलटा!और भाग लिया वापिस!बेतहाशा खौफ में!भागा!भागता जाए!और जा रुका अपन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

कांपा औरांग!क्या करे?सोच में डूबा!औरांग के गले में पड़ा और गंडा,पकड़ लिया ऊषल ने,और किया नीचे उसे खींच कर,लेकिन वो!औरांग!नहीं झुका!ऊषल ने और ज़ोर लगाया,अ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

औरांग चित होने को था बस!चाहता औरांग तो,एक हाथ का झटका ही देता,तो दीवार तोड़,बाहर ही गिर जाती ऊषल,लेकिन कुछ नहीं किया उसने!जवान था औरांग!स्त्री के स्पर्...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

"बैठोगे नहीं?" बोली ऊषल,खड़ा था, खड़ा ही रहा औरांग!"बैठो तो सही?" बोली ऊषल,"आप बताओ?" बोला औरांग,"बैठो तो सही? डर लगता है मुझसे?" कटाक्ष सी मारती हुई! प...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ मेवात हरियाणा की एक घटना!

हत्या कर दी थी!भूल न सकी थी अभी ऊषल!सारी रात न सोया औरांग!सोता भी कैसे!ऊषल उड़ा ले गयी थी उसकी नींद!और उधर ऊषल,खुश हो रही थी अंदर ही अंदर!अपना बदला साक...

2 years ago
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