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गिलास भर के दे गया था, जब ख़त्म की तो इकार आ गयी! हम आये हए थे, इलाहबाद के पास एक डेरे में, कुछ क्रियाएँ भी थीं, और कुछ सामान भी लेना था, दो दिन...
मैं ऐसा नहीं कर सकता!आखिर में,चौंसठ योगिनी-मंदिर बनवाया गया वहाँ!जहां आज भी,श्रुति और पुण्य साहब पूजा किया करते हैं!वो खल्लट!वो औरांग!वो ऊषल,दज्जू,यौम...
बैठ गयी!बह-रूपा मंत्र का जाप करते हुए!मैंने श्री महाऔघड़ का मंत्र पढ़ते हुए,तेल के छींटे डाल दिए उस पर!वो लोप हो गयी!वो लोप हुई,और वहाँ की भूमि धसक गयी!...
एक एक करके,सभी लोप होते चले गए!अंत में,रह गयी वो प्रधान-साधिका!वो आगे आई!और रुकी!आवाज़ दी किसी को!अब कौन?कौन रह गया?वो लड़की!जिसकी जीभ नहीं थी!और वो दज्...
ये समझा दिया था मैंने उन्हें!मैं चल पड़ा!और भूमि नमन किया!गुरु नमन किया!बाबा जागड़ को नमन किया!बाबा जागड़ नहीं होते,तो आज मैं और शर्मा जी भी,इसी हौदी में...
चाय-नाश्ता किया,फिर भोजन भी बंधवा लिया,वापिस आये,और भोजन किया!दोपहर में आराम ही किया!सारी घटनाएँ,याद आती रहीं!एक एक किरदार!उस पोटली में रखे ज़ेवर,मैंने...
कि एक व्यक्ति आएगा!जो शतलब्ध क्रिया करेगा!और सभी मुक्त होंगे!सभी!वो खल्लट भी!हाँ!खल्लट भी!सभी!हम चढ़ चले सीढ़ियां,आये ऊपर,संध्या हो चली थी!अब सामान नहीं...
उस ऊषल के थे!जिन्हे अभी मैंने छुआ था!वो पोटली,जैसे आग बन गयी मेरे लिए!आग!जो न साधे जा रही थी,न छोड़े जा रही थी!फिर मेरी हिम्मत नहीं हुई उसको खोलकर देखन...
वो नहीं गयी,वो वहीँ थी!वहीँ खड़ी रही!और फिर,सभी चली गयीं,जैसे लोप हो गयीं!वो खड़ी रही!मुझे देखा,मुस्कुराई,और एक तरफ इशारा किया,मैंने वहीँ देखा,एक साधिका...
सब!जितना मैं सोच सकता हूँ,उस से भी अधिक!अब मैंने अपनी भाषा में परिचय दिया अपना,शर्मा जी का भी,और बता दिया,मैं जान गया हूँ सब!मैं इतना कहा,और वे सभी,रो...
कि, आज का इंसान तो भय खा जाए!उसका वक्ष-स्थल ऐसा विशाल था,जैसा मैंने कहीं भी,कभी भी नहीं देखा!उसकी कमर,अपने बदन के हिसाब से तो पतली थी,लेकिन थी बहुत चौ...
ऐसे ही मालाओं से ढके थे!वो साधिका,पीले रंग में रंगी थी,वो चारों हटीं,और वो सामने आई!अब क्या होगा?किसलिए आयीं ये?क्या होगा अब?हम जीवित रहेंगे अथवा नहीं...
किसी का भेजा बाहर लटका था,किसी के स्तन काट डाले गए थे!किसी के पेट में छेद था,किसी की छाती में छेद था!किसी की आंतें बाहर लटकी थीं!भयानक दृश्य था!सभी की...
वो और कसती रही!मेरी तो जान पर बन आई!और तभी वो चिल्लाई!बहुत बुरी तरह!मुझे फेंक मारा उसने!दूर हटी,और उसके बदन में,जगह जगह काले दाग उभरने लगे!मैं भाग चला...
