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पी लिया करते थे, छटे-छमाही में! सो पी उन्होंने! थकावट थी, तो और पी गए! अब लगा खाना, लजीज़ खाना! मुग़लई सा खाना! खाने लगे वे सब! अब रक्काशाओं ने, नाचना...
वहीं जा रहे थे सभी! और पहुँच गए! ऊँट लगा दिए गए, एक जगह, और सूरज साहब को, उतार लिया गया! आलीशान हवेली थी वो! बाहर बारिश थी! और अंदर अब राह...
और अब यात्रा शुरू हो गयी थी! वो जो दो आदमी और थे, उनका रास्ता आया, तो वे भी निकल लिए! अब रह गए वे बारह और एक ये, सूरज साहब! तभी मेह बरसा तेज! कड...
और अपनी सीट पर बैठ गए, थोड़ी ही देर में, ऊँघने लगे, नींद तो तब खुली, जब उनके चेहरे से बारिश की बूंदें टकराई, खिड़की बंद कर ली उन्होंने, और बाहर झाँ...
न जाने कब से, आसरा दिए बैठी थी उन्हें! शर्मा जी के पास पहुंचा, वे भी उठे, उन्हें बताया मैंने सबकुछ, और चल दिए वापिस, रात के तीन बज चुके थे। अब हम च...
हाँ, एकदूसरे को देखा उन्होंने ज़रूर! "पौने तीन सौ बरस गुजर गए इन्दा!" मैंने कहा, वे सभी, चुपचाप सुनते रहे! उन्हें यकीन नहीं हो पा रहा था! "माधौ भी नही...
बंध गए थे सभी! अब नहीं जा सकते थे कहीं! अब मैंने आवाज़ दी! "रन्नू?" एक बार, दो बार, तीन बार! कोई आगे नहीं आया, "कानू?" एक बार, दो बार, तीन बार! कोई नह...
यही ठीक है! यही सोचते सोचते, सो गया मैं, सुबह हुई, सारी बातें याद आ गयीं! वो हवेली! वो मंगल-गान! सब! उस दोपहर, मैंने कुछ परम-विद्याओं का संधान किया! म...
और फिर, सब शांत! जैसे एक झोंका आया था, एक हवा का झोंका, जिसमे उस रात का कुछ हिस्सा, बहा चला आया था! और फिर से, कुछ आवाजें! दूर कहीं से, किसी भाग से...
दूर से देखा। ये था उदयभान का बसेरा! उदयभान के वंशज आज भी होंगे! कोई कहाँ, कोई कहाँ! उसके इस दुष्कृत्य से अनभिज्ञ! ढाई सौ, पौने दो सौ वर्ष पहले, यहां ज...
लेकिन, मौत खड़ी मिली थी उन्हें, ढूंढ निकाला था मौत ने उन्हें, उस रात में, वो सभी हैवान, अपने हथियार लेकर, टूट पड़े थे उन मासूमों पर, इसके क्या कहूँ? व...
एक कहानी! लेकिन पढ़ने वाला कोई नहीं! कहने वाला कोई नहीं, सुनने वाला कोई नहीं! बस चंद ये लोग, जो प्रेत योनि भोग रहे हैं, एक आस लिए, कि वो माधौ, औ...
और इसी माहौल में, उदयभान के आदमियों ने, धावा बोल दिया, इस से पहले कि वो कुछ समझते, और अपने हथियार उठाते, मामला भाप, कुनबे के सभी बालक-बालिकाओं और औ...
और उस समय की एक मज़बूत और अभेद्य सेना को, लोहे के चने चबा कर हरा दिया था! ये हारने वाली सेना, मराठों की थी! जिसमे नायक महादजी सिंधिया थे! मराठों मे...
