श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

और तभी! तभी मेरे सामने एक चौड़े फाल वाला त्रिशूल आ गिरा! जमीन में धंसा हआ! पीले रंग का और एक काले रंग का, कपड़ा बंधा हुआ था उस पर! और तभी कौंधा प्र...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

अर्थ यही कि, बाबा हाज़िम ने प्रकट ही नहीं होने दिया! मेरे सारे प्रहार, काट डाले गए! मैं तो,निहत्थे समान हो गया! मेरे तरकश के सभी बाण, लक्ष्य-चूक लौट आ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

एक थाप के साथ, भूमि में गाड़ दिया! चीखें उभरीं! कई प्रेत स्वाह हुए! और बाबा हाज़िम! टस से मस न हए! खड़े रहे! हँसते हुए, जैसे मैंने कोई मंत्र नहीं, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

जांघे ऐसी पहलवान जैसी! गोरा रंग था! भौहें भी सफ़ेद ही थीं! मालाएं धारण की थीं उसने, भुज-बंध पहने थे, कलाई से लेकर कोहनी तक, रूद्र-माल पहने था वो! अपना...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

मैंने उन्हें सब बताना शुरू किया! आरम्भ से अब तक! अब, आज रात ही होना था कुछ! अच्छा हआ, मुझे समय मिल गया था! हम दोनों लौटे, वे तीनों, कार में ऊँघ रहे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

खड़ा हुआ, और अपने चारों ओर, एक घेरा खींच लिया! खेचरा, वायु रूप में संहार किया करती है! यही इसको सबसे प्रबल बनाता है! एक क्षण के कुछ ही अंश पर, शत्रु क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

करना आरम्भ किया, मेरे कलेजे में पीड़ा होने लगी थी, मेरे अंडकोषों में, सूजन आने लगी थी, एड़ियों में पीड़ा होने लगी थी, सर के सबसे ऊपरी भाग में, भयानक प...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

वो थपथपाता जाता, और उधर स्त्रियां प्रकट होती जाती! उनका रूप देखकर मुझे, शाकिनियों का स्मरण हो आया! खप्पर लिए, जीभ बाहर निकाले, मुंड-माल धारण किये, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

मिलवा दो बाबा" मैंने कहा, अब वो गंभीर सा हो गया, अपनी ऊँगली से, दाद कुरेदने लगा! "देख बालक, ये इतना सरल नहीं, ये तो तू भी जानता है!, जानता है न?" वो ब...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

और फिर ठहाका लगाया! वे तीन, जो पीछे खड़े थे, वे भी हँसे! उसकी देह बहुत बलिष्ठ थी! मुझ जैसे दो तो बन ही जाते! "कौन है रे तू?" उसने पूछा, मैंने प्रणाम क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

सब ठीक हुआ! अब तो क्रोध में बिफर पड़ा वो! बारिश! अस्थियों की, लोथड़ों की, पत्थरों की, धूल-धक्कड़, और न जाने क्या क्या! सभी की काट की मैंने! बाबा खम...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

बेपनाह दौलत! इतना धन मिल जाए, तो कई सहस्त्र पुश्तै सुधर जाएँ! क्या नहीं मिलता धन से आजकल! इस कलयुग में सबसे अधिक पूजे जाने वाला देवता है ये! आज उसक...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

और ये कैसा हठ? तभी एक एक करते हुए, वे सभी लोप होते रहे! रहा गया वही मात्र एक! "सुनो! अब जाओ! बस!" वो बोला, "नहीं! मैं बिना दर्शन किये नहीं जाऊँगा!"...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

सभी मुझे देखते हुए! दृश्य ऐसा था कि, जैसे में देवराज के दरबार में खड़ा होऊ! सभी देव-तुल्य थे! सभी अलौकिक! वे सभी चकित थे। जम्ब-प्रहार, कैसे अवशोषित कर...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

अलबेटे खाये हए केश! चौड़ा चेहरा! तावदार मूंछे! घोड़े के समान भुजाएं उसकी! भीमकाय! लगता था जैसे कि, किसी वृक्ष को एक हाथ से ही उखाड़ फेंके! ऐसा बलशाली!...

2 years ago
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