श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१२ काशी के पास की एक घटना

लड़कियां वहाँ पहुँच कर, सजग हो उठीं! मुस्कुरा पड़ी! हाव-भाव स्पष्ट रूप से समझ आने लगे, अर्थात, वे बहुत खुश हुई थीं यहां आ कर! वे तो कूद पड़ीं पानी में...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी के पास की एक घटना

और फिर बैठे बैठे ही, सारे कपड़े फाड़ने लगी अपने! अब जो मैंने देखा, वो बहुत अजीब था! बहुत अजीब! उसके सारे शरीर पर, वो काले काले धब्बे पड़े हए थे! पू...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी के पास की एक घटना

और लाये बाहर तक, देख कर तो नहीं लगता था कि वो, विक्षिप्त है! एकदम भलीचंगी लगी! मैंने देखा उसको, चेहरा देखा, काठी देखी, सब ठीक, कोई दोष नहीं, मैं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ काशी के पास की एक घटना

और फिर अगले दिन की हमारी गाड़ी थी वहाँ से, तो उस रात मेरे जानकार ने दावत दी, दावत उड़ाई, और सो गए! अगले दिन उनसे विदा ले, हम गाड़ी पकड़, दिल्ली वापिस ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

अब जैसे निर्देश हए थे, उसका पालन किया गया, अंदर के एक क्षेत्र में, एक मंदिर बनवाया गया! मंदिर बहुत सुंदर बना! जैसे बाबा हाज़िम की कृपा मिली हो उस म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

हमेशा हमेशा के लिए! साकार हो जाए ये मानव जीवन मेरा! अब बाबा अजाल ने, मेरे सभी पूर्वजों के नाम ले डाले, वो भी, जिनके बारे में कभी सुना भी नहीं था मैंने...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

और फिर तीसरी, यहां दीवारों पर, चित्र बने थे! तांत्रिक चित्र! कलाई और सफ़ेद स्याही से, जिव्हायें, लाल रंग से रंगी गयीं थी! उस झोंपड़ी की चौखट कोई, चौदह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

और छठे दिन, बाबा हाज़िम के हाथों परास्त हुआ, उसका लाव-लश्कर भाग छूटा! ये रन्जा वही था! आज उन सिद्धों के संग, विचरण करता है! उसने यही नियति चुनी थी! बा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

साथ में वे चारों औघड़ थे! मैं चल पड़ा उनकी तरफ! वे सभी मुस्कुरा रहे थे! मैं गया और प्रणाम किया सभी को! उन्होंने प्रणाम स्वीकार किया मेरा! "आओ!" बाबा ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

और चले मेरी ओर, मैं खड़ा हो गया, हाथ जोड़कर! वे आये मेरे करीब, मैं रोक नहीं पाया अपने आप को! और झुक गया! पाँव पड़ लिए उनके! "उठो!" वे बोले, म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

और उस धुंए ने, देखते ही देखते, एक स्त्री का रूप धारण किया! ओमेशिक! ओमेशिक डाकिनी! अब कोई आह्वान नहीं करता इसका, अब दुर्लभ है ये! आज के तंत्र में इस...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

क्यों आया था वो? क्यों दे गया त्रिशूल? तभो प्रकाश कौंधा! और बाबा हाज़िम प्रकट हुए! इस बार, औघड़ वेश-भूषा में, भस्म मले, त्रिपुण्ड काढ़े, कपाल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

और जैसे ही वे शौभ कन्याएं मेरी ओर झपटीं, मैं घूमा और, अपना त्रिशूल, छुआते चला गया उनसे! विद्या की चपेट में आते ही, HU बाबा हाज़िम के चरणों में ग...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ भिवाड़ी राजस्थान की एक घटना

और घूमे! घूमते ही उन्होंने अपने त्रिशूल पर बंधा डमरू खोला, और बजाने लगे! वहाँ तभी नल-कन्याएं प्रकट होने लगी! कम से कम आठ! गोरा वर्ण था उनका, लेकिन ...

2 years ago
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